– आस्था और विश्वास लेकर पहुंचते हैं भक्त..
– 1 अप्रैल से 7 अप्रैल होगा महोत्सव
जावरा। वैसे तो हर गांव हर शहर में बालाजी के प्राचीन मंदिर अनेक बने हुए हैं सभी मंदिरों को आस्था और विश्वास का एक केंद्र माना जाता है लेकिन आज हम बताएंगे एक ऐसे बालाजी का रहस्य मय मंदिर जिसे देखकर आपको लगेगा कि कहां स्थित है एक ऐसा प्राचीन एवं अलौकिक दरबार जहां होते हैं भक्तों के कई कार्य सिद्ध लगता है एक अलौकिक मेला ….
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक ऐसा गांव जहां पर विराजमान है चतुर्थ मुख वाले बालाजी महाराज यह मंदिर जिले के जावरा समीप सरसी गांव में स्थित है जिन्हें भक्त लोग सरसी के राजा हनुमान जी महाराज के नाम से जानते एवं पहचानते हैं बताया यह भी जाता है कि यह मंदिर जितना प्राचीन है उतना ही चमत्कारी भी है इस मंदिर में बालाजी की 3 प्रतिमा दक्षिण मुखी तथा एक प्रतिमा का मुख उत्तर दिशा में है जिन्हें जीवन के सभी दुखों का नाश करने वाला भी माना जाता हैं। यह मंदिर गांव के बीच में स्थित है जहां पर प्रतिदिन कई बाहर के भक्त दर्शन की लालसा लेकर मंदिर पर पहुंचते हैं इतना ही नहीं प्रति मंगलवार को बालाजी महाराज के मंदिर पर महा आरती उतारी जाती है तत्पश्चात गांव के युवाओं द्वारा सुंदरकांड पाठ का प्रति मंगलवार को एक आयोजन किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में भक्त सुंदरकांड एवं महा आरती का लाभ लेने भी पहुंचते हैं।
साल में एक बार होगा चूल तेरस का आयोजन –
इस गांव की खास बात यह भी है कि यहां प्रतिवर्ष जिले का सबसे बड़ा महा महोत्सव चूल तेरस के रूप में मनाया जाता है बुजुर्गों का कहना है कि यह आयोजन हजारों वर्षों से निरंतर इस गांव में चलता आ रहा है जो अब एक भव्य ती भव्य रूप में होने लगा है यहां पर प्रतिवर्ष होली के तुरंत बाद मेले का एक बड़ा आयोजन होता आ रहा हैं, जिसे देखने के लिए सैकड़ो की संख्या में भक्त इस गांव में पहुंचते हैं एवं बालाजी महाराज के दर्शन लाभ लेते हैं इस मेले के दौरान बालाजी महाराज के मंदिर पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा एवं नित्य भक्ति मय राम कथा नानी बाई का मायरा एवं भागवत कथा भजन संध्या कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम प्रति वर्ष अनुसार चलते आ रहे हैं।
इस बार 1 से 7 अप्रेल तक होगा महोत्सव –
इस वर्ष भी 1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक यह महा महोत्सव होने जा रहा है जिसमें 1 अप्रैल प्रात: 8 बजे जैन गुरु भगवंत एवं शुरू श्री कथावाचक अनन्या शर्मा का ऐतिहासिक नगर प्रवेश ढोल नगाड़ों के साथ एवं प्रतिदिन रात्रि 8 बजे जैन गुरु भगवंत के संगीत मय प्रवचन चेन्नई के कलाकारों की टीम के साथ एवं प्रतिदिन 12 बजे से 4 तक सुश्री अनन्या शर्मा के मुखारविंद से संगीत मय नानी बाई का मायरा, वही 4 तारीख को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। 7 अप्रैल को ऐतिहासिक छप्पन भोग एवं एवं कलश यात्रा ढोल नगाड़ों के साथ गांव के प्रमुख मार्गो से निकाली जाएगी कलश यात्रा में कलश एवं महिलाओं के लिए साड़ी की व्यवस्था नि:शुल्क विनोद डांगी लाभार्थी परिवार द्वारा की गई हैं। शाम 6 बजे राजा हनुमान मंदिर परिसर में चूल का आयोजन जिसमें सैकड़ो भक्त अंगारों पर गुजरेंगे जिसे देखने के लिए सैकड़ो की संख्या में भक्त पहुंचेंगे वही रात को ठीक 8 ऐतिहासिक भजनों की प्रस्तुति बाहर के कलाकारों द्वारा वही प्रतिदिन कार्यक्रम स्थल पर विद्वान पंडितो द्वारा महायज्ञ किया जाएगा। वही समस्त भक्तों हेतु नि:शुल्क भोजन भंडार है की व्यवस्था रहेगी तथा गुजरात के कलाकारों द्वारा पूरे गांव में रंगोलिया एवं दीपक लगाए जाएंगे तथा कई धार्मिक आयोजन किए जाएंगे प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे एवं पूरे गांव को दुल्हन की तरह सजाने का कार्य भी शुरू हो चुका है वही बच्चों के लिए झूले चकरी एवं कई छोटी बड़ी दुकाने इस मेले का आकर्षक का केंद्र बनेगी इस बार भी अलग-अलग कार्यक्रम नित्य धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। जानकारी मीडिया प्रभारी पवन धाकड़ सरसी ने दी।

