– 45 लाख में कवरिंग का टेंडर लिया, वो भी अब तक अधुरा, जितना नाला बनाया उसे भी नहीं किया कवर, फिर भी ले लिए 10 लाख
जावरा। नगर पालिका परिषद जावरा की पिछली परिषद ने रतलामी गेट चौराहे से लेकर अस्पातल रोड़ होते हुए खाचरौद नाके से सेजावता तक नाला बनाने का ठेका नपा ने ठेकेदार अत्हरउद्दीन को दिया था। लेकिन बीते पांच सालों से बन रहा यह नाला अब भी अधुरा पड़ा है। बीते दिनों विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय ने समीक्षा बैठक में निर्माण कार्य समयावधि में पुरा नहीं करने वाले तथा घटिया निर्माण सामग्री उपयोग करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करने के आदेश जारी किए। जिसके बाद नपा ने दो ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड भी कर दिया, लेकिन नाला बनाने वाले ठेकेदार को नपा के जवाबदारों ने साठगांठ के चलते ब्लैक लिस्टेड नहीं किया और उसे नाले को पुरा करने के लिए दो माह का समय दिया था, लेकिन समयावधि पुरी होने के बाद भी अब तक नाला अधुरा पड़ा है, वहीं कवरिंग के लिए भी जो टेंडर लिया था, उसे भी अब तक पुरा नहीं किया गया है। ठेकेदार ने जितना नाला बना दिया है, उसे भी अब तक पुरी तरह से कवर नहीं किया है। ऐसे में इस खुले नाले में कई लोग गिरकर चोटिल हो रहे है।
इन स्थानों पर पड़ा काम अधुरा –
रतलामी गेट पर कंचन टाकिज के सामने नाले का काम अधुरा पड़ा है, हास्पीटल के बाहर बने काम्लेक्स का काम नहीं हुआ, वहीं खाचरौद रोड़ पर बने गाडोलियों के घरों के पीछे तो काम शुरु भी नहीं हुआ है, वहीं अस्पताल से लेकर पोलेटेक्निक चौराहे तक नाला खुला पड़ा है, वहीं जसवंत नगर से लेकर आगे तक भी यह नाला खुला है, ठेकेदार द्वारा महज संजय काम्पलेक्स के बाहर नाले की कवरिंग की गई है, इसके बाद भी ठेकेदार को नपा ने 10 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया। वहीं पहाडिय़ा रोड़ चौराहे पर तो नाले के एक साईड की वाल भी नहीं बनाई गई है, पुरानी वाल से ही काम चला दिया। नाले में गंदे पानी की निकासी के लिए उचित ढाल भी नहीं दिया गया है, जिसके चलते नाले में हमेशा पानी भरा रहता है।

ब्लैक लिस्टेड की कार्रवाई करवाएंगे –
नगर पालिका विधायक प्रतिनिधि अजयसिंह भाटी ने बताया कि नपा की साधारण सभा में संकल्प पारित करते हुए ठेकेदार को समय दिया था, लेकिन चुंकि समयावधि पुरी हो चुकी है और नाला पुरा नहीं बना है, वहीं कवरिंग भी नहीं हो पाई है, ऐसे में साधारण सम्मेलन में उक्त ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई करवाएंगे, नपा के जवाबदारों ने नहीं किया तो विरोध भी दर्ज करवाएंगे, वहीं नाले की कवरिंग को लेकर जो भुगतान कर दिया गया है, उसका भी एक या दो दिन में भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

