– आईल मिल के सुरेश कुमार जाजु ने उक्त सर्वे की 2.034 हैक्टेयर भूमि के संबंध में न्यायालय में लगाया था वाद
जावरा। शहर के रेलवे फाटक से लेकर चौपाटी तक की बेशकिमती प्रीमियर आईल मिल की सर्वे क्रमांक 226/1 रकबा 2.036 हैक्टेयर भूमि पर स्वामित्व को लेकर प्रिमीयर आईल मिल इण्डस्ट्रीज जावरा द्वारा सुरेश कुमार जाजु द्वारा लगाए गए वाद को न्यायालय ने खारीज कर दिया हैं।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता गगन श्रीमाल ने बताया कि प्रिमियर आईल मील इण्डस्ट्रीज जावरा द्वारा सुरेश कुमार जाजु निवासी इन्दौर द्वारा म.प्र. शासन द्वारा कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार जावरा के विरूद्ध सर्वे नम्बर 226/1 रकबा 2.036 हैक्टर भुमि के संबंध में एक वाद स्वत्व घोषणा एवं स्थाई निषेधाज्ञा का न्यायालय अरविन्द कुमार बरला व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड जावरा के न्यायालय में प्रस्तुत किया था, प्रिमियर आईल मील इण्डस्ट्रीज द्वारा उक्त प्रकरण में सर्वे नम्बर 226/1 रकबा 2.036 हैक्टर भुमि निलामी के आधार पर क्रय करने पर स्वामित्व का दावा किया गया था, जिसमें वादी द्वारा साक्ष्य हेतु कई दस्तावेज प्रदर्शित करवाये गए थें, और वादी द्वारा उक्त भुमि पर आधिपत्य भी बताया था।
सरकारी वकील ने बताया था सरकारी भूमि –
प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजन एवं शासकीय अधिवक्ता गगन श्रीमाल ने शासन की ओर से पक्ष रखते हुवे उक्त भुमि शासकीय होना बताया था एवं वादी द्वारा प्रस्तुत गवाहो के प्रतिपरीक्षण और उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजो से भी वादी के वाद को निरस्त करने की प्रार्थना न्यायालय के समक्ष की थी। वादी पक्ष एवं शासन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्को का अवलोकन कर न्यायाधीश अरविन्द कुमार बरला व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड जावरा ने प्रिमियर आईल इण्डस्ट्रीज और शासन का पक्ष सुनने के बाद निर्णय करते हुवे वादी का वाद निरस्त किया और उक्त सर्वे नम्बर 226/1 पर वादी प्रिमियर आईल मील इण्डस्ट्रीज का कोई भी आधिपत्य नही पाया। 

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