– पांच बचत खातों में किया एक लाख रुपए से अधिक का गबन
जावरा। रतलाम निवासी तथा पिपलौदा के उप डाकघर में अनुडाकपाल के पद पर पदस्थ राजेश मेहर उर्फ राजू पिता मदनलाल निवासी जवाहर नगर रतलाम को डाकघर में गबन करने वाले आरोपी को 3 वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया हैं।
अपर लोक अभियोजक समरथ साहू ने बताया कि अभियुक्त राजेश मेहर उर्फ राजू पिता मदनलाल जी जाति कोली निवासी जवाहर नगर रतलाम अनुडाकपाल पिपलोदा मे पदस्थ था ओर उसके विरूद्ध अधीक्षक डाकघर रतलाम संभाग रतलाम के यहां एक शिकायत प्राप्त हुई की अभियुक्त द्वारा उपडाकघर पिपलोदा मे दिनंाक 01 जुलाई 2015 से दिनांक 07 जुलाई 2018 के बीच अपने पद पर पदस्थ रहने के दौरान सुकन्या सृमद्धि योजना एवं आवृति खाते व बचत खाते मे कुल 25 खाता धारक द्वारा अपने खातो मे विभिन्न तारिखों को राशि जमा की गई जो अभियुक्त राजेश मेहर द्वारा पासबुक मे तो राशि जमा करने की प्रविष्टि की गई किंतु उस राशि को सरकारी हिसाब से संबंधित तिथियो मे शामिल नही करते हुए राशि फरियादी के डाक खाते मे जमा नही करते हुए राशि का गबन किया गया।
5 बचत खातों में 1 लाख से अधिक का किया था गबन –
इस संबंध मे अधीक्षक डाकघर रतलाम द्वारा संपूर्ण मामले की जांच करवाई गई जो जांच के दौरान जांच मे पाया गया कि अभियुक्त राजेश मेहर द्वारा कुल 5 बचत खातो मे राशि रूपये 10,900/- तथा कुल 10 आवृति खातो मे राशि रूपये 23,800/- व कुल 10 सुकन्या सृमद्धि योजना के खातो मे रूपये 70,800/- रूपये इस प्रकार कुल 1,05,500/- रूपये की राशि का गबन किया गया। अभियुक्त के विरूद्ध विभागीय जांच के दौरान अभियुक्त को निलंबित किया जाकर झाबुआ प्रधान डाकघर मे अटैच किया गया। अभियुक्त के विरूद्ध पुलिस थाना पिपलोदा पर फरियादी अधीक्षक डाकघर रतलाम संभाग रतलाम के आवेदन पर से अपराध क्रमांक 24/2020 भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 409, 467, 468 के अंतर्गत दर्ज किया गया व अभियोग पत्र न्यायालय मे प्रस्तुत किया गया जिस पर से द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश परमानन्द चौहान द्वारा प्रकरण मे सुनवाई करते हुए समस्त साक्षीयो के साक्ष्य लेखबद्ध करने के उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 409 के अंतर्गत अभियुक्त को दोषी सिद्ध ठहराते हुए अभियुक्त को प्रत्येक शिर्ष के अंतर्गत तीन-तीन वर्ष के अंतर्गत सश्रम कारावास व एक-एक हजार के अर्थदण्ड से कुल 25 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण मे अभियोजन की ओर से पैरवी समरथ साहू अपर लोक अभियोजक द्वारा की गई।



Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

