जावरा। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग संघ द्वारा शासन से की गई थी जिसे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने स्वीकार करते हुए एक समिति का गठन भी किया था, लेकिन यह कानून आज दिनांक तक लागु नही हुआ। प्रदेश में सभी स्थानों पर पत्रकार सुरक्षा कानुन बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पुन: संघ की इकाईयों द्वारा ज्ञापन दिए गए है। संघ के 31 मार्च को छतरपुर में आयोजित दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन में पुन: इस मांग को उठाते हुए शासन से तत्काल इस कानून को प्रभावशील करने की मांग की जाएगी।
यह विचार मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जावरा-ताल इकाई के सदस्यता कार्ड वितरण समारोह में संघ के पूर्व मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष शरद जोशी ने व्यक्त करते हुए कहीं। जोशी ने कहा कि संघ के प्रांतीय अध्यक्ष शलभ भदौरिया के नेतृत्व में श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा पत्रकारों के कल्याण की अनेक मांगे स्वीकृ त करवाई है। जिसमें पत्रकार बीमा योजना, तहसील स्तरीय अधिमान्यता, श्रद्धा निधि, पत्रकारों को टोल नाकों पर छूट दिलाने जैसी अनेक प्रमुख मांगों के साथ अधिमान्य पत्रकारों तथा वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में पूर्व में दी जाने वाली रेल रियायत व्यवस्था बहाल करने, राष्ट्रीय राजमार्ग पर अधिमान्य पत्रकारों को टोल नाके पर छूट देने सहित अन्य मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित किया गया है। कार्ड वितरण समारोह के दौरान जावरा अभिभाषक संघ अध्यक्ष स्नेह मेहरा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की।
इनकी रही उपस्थिति-
सर्किट हाउस पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भेरूलाल टाकं, जिला महामत्री दिनेश दवे ने भी संबोधित किया। पूर्व संभागीय महामंत्री सुजानमल कोचट्टा ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान ताल के वाहिद पठान ने उन पर पुलिस द्वारा झुठी शिकायत पर प्रकरण बनाने की जानकारी दी। ब्लॉक अध्यक्ष अशोक चोपड़ा ने बताया कि कॉर्ड वितरण समारोह में सभी पत्रकारों को वर्ष 2024 के परिचय पत्र (प्रेस कार्ड) प्रदान किए गए। वहीं संघ सदस्य शैलेंद्रसिंह चौहान का जन्मदिन होने पर पुष्पमाला पहनकर जन्मदिन की बधाई गई। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश छाजेड़, अशोक सेठिया, पारस छाजेड़, शैलेंद्रसिंह चौहान, डॉ. राजकुमार पीपाड़ा, तपन व्यास, अभय कोठारी, विनोद अग्रवाल, प्रदीप गोराना, विजय राठौर, सुनील असावरे, प्रकाश यति, राजेंद्र सिंह सिसोदिया, वाहिद पठान, जितेंद्र व्यास आदि उपस्थित थे। आभार अभय कोठारी ने माना।

