ओव्हरलोड स्कूल वैन पलटी, 19 बच्चों की जान पर बन आई
– तेज़ रफ्तार + ओवरलोड = बड़ा हादसा, ड्राईवर सहित 10 घायल, प्रशासन में हड़कंप
– 6 बच्चों को जावरा भेजा, 3 का उपचार बड़ावदा में हुआ
– एक छात्रा के गंभीर घायल होने पर रतलाम रैफर किया
– लालच के चलते निजी वाहन चालक क्षमता से अधिक बच्चें भर लेते हैं वाहन में
जावरा। बड़ावदा थाना क्षेत्र के डेस्टिनेशन स्कूल से मंगलवार दोपहर घर लौट रहे बच्चों की मैजिक अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे नाले में जा गिरी। मैजिक में क्षमता से अधिक 19 बच्चे भरे हुए थे, जिनमें से 9 बच्चे घायल हो गए। हादसा होते ही अफरा-तफरी मच गई और मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने बच्चों को बाहर निकालकर बचाया। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम बच्चों को जावरा अस्पताल लेकर पहुंची।
मैजिक क्रमांक एमपी 43 टी 0696 में प्राइमरी, मिडिल सहित कुल 19 बच्चे सवार थे। यह वाहन प्रतिदिन वीरपुरा से बच्चों को लेकर डेस्टिनेशन स्कूल आता-जाता था। लेकिन मंगलवार को स्कूल से घर जाते समय दुघर्टनाग्रस्त हो गया। जिससे उसमें सवार 19 बच्चों की जान पर बन आई। हादसे में घायल हुए 6 बच्चों को जावरा के सरकारी अस्प्ताल उपचार के लिए भेजा, वहीं 3 बच्चों का बड़ावदा में ही उपचार किया गया।
कैसे हुआ हादसा –
रोज की तरह मंगलवार को भी छुट्टी के बाद जैसे ही बच्चों से भरी मैजिक वीरपुरा की ओर रवाना हुई, ठिकरिया के पास अचानक टायर फट गया। टायर फटते ही वाहन अनियंत्रित हुआ और नाले में पलट गया। जिससे वाहन में सवार बच्चे घायल हो गए। मेजिक में सवार एक छात्र ने बताया कि चालक वाहन को तेज गति से चला रहा था। जिससे अचानक टायर फटा और वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में घायल निशा ओमप्रकाश जाट निवासी वीरपुरा को गंभीर घायल होने पर रतलाम रैफर किया गया।
प्रशासन मौके से लेकर अस्पताल तक रहा सक्रिय –
स्कूल वाहन के दुघर्टनागस्त होते ही स्थानीय प्रशासन व पुलिस ताबड़तोड़ मौके पर पहुंचा। एएसपी विवेकलाल, एसडीएम सुनील जायसवाल, तहसीलदार पारस वैश्य तथा नायब तहसीलदार वैभव जैन सिविल हास्पीटल पहुंचे और बच्चों का तुरंत उपचार प्रारंभ करवाया। वहीं गंभीर घायल छात्रा को रतलाम रैफर करवाया। हादसे में घायल बच्चों के जावरा अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल का पुरा स्टॉफ बच्चों के तत्काल उपचार में जुटा, जिसके चलते सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। वहीं सूचना मिलने पर भाजपा बड़ावदा मंडल अध्यक्ष लोकेश शर्मा भी घायल बच्चों से मिलने सरकारी अस्प्ताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना।
पालकों का फूटा गुस्सा, पुराने वाहनों को बंद करने की मांग –
हादसे के बाद पालक गण बड़ावदा थाना पर पहुंचे और थाना प्रभारी के एक पत्र सौंपकर पुराने तथा खराब हो चुके वाहनों के स्थान पर नए वाहन लगाने की मांग की। ताकि बच्चों को सुरक्षित ढंग से बच्चों को स्कूल लाना और पुन: घर छोडऩा हो सके।
अन्य निजी स्कूलों के वाहनों की भी हो जांच –
इस दर्दनाक घटना के बाद अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी निजी स्कूलों के परिवहन वाहनों की कड़ी जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। उल्लेखनीय है कि क्षैत्र में कई ऐसे निजी स्कूल संचालित हैं, जिनके पास अपने स्वयं के वाहन नहीं हैं, जिसके चलते निजी वाहनों के भरोसे बच्चों को शिक्षण कार्य हेतु आना जाना पड़ता हैं। निजी वाहन चालक अपने लालच के चलते वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे भर लेते हैं और बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करते हैं। वहीं कई निजी स्कूल ऐसे भी हैं जिनके पास वाहन तो हैं, लेकिन वे दुरुस्त नहीं हैं, वाहनों में न तो जीपीएस लगा हैं, ना ही कोई सुरक्षा इंतजाम ही मौजुद हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के साथ यातायात पुलिस को ऐसे वाहनों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना आवश्यक हो चुका हैं।
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