जावरा। माता सावित्रीबाई फुले की जयंती नेशनल टीचर्स डे के रुप में पिपलौदा रोड़ स्थित आईएमए हॉल पर मूवमेंट-21 की रतलाम इकाई द्वारा मनाई गई। मूवमेंट-21 के अनेक सदस्य उनके परिवार के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में आमजन इस उत्साह का हिस्सा बने। इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें गायन, नृत्य, लघु-नाटिका, क्विज आदि शामिल थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक लगभग सभी आयु वर्ग के लोग उनके अमूल्य योगदान के लिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
सावित्रीबाई फुले द्वारा वर्ष 1848 में महिलाओं और वंचित समुदायों के बीच बच्चों के लिए भारत की पहली पाठशाला प्रारंभ की गई और वह भारत की पहली महिला शिक्षक बनी। इस अवसर पर उन्होंने हमारे देश की सभी महिलाओं और बहुसंख्यक वंचित लोगों के लिए शिक्षा के द्वारा खोले जिनके लिए हजारों वर्षों से शिक्षा प्रतिबंधित थी। शिक्षा के क्षेत्र में उनके इस अतुलनीय योगदान के लिए उनके जन्म दिवस 3 जनवरी को हमारे देश में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है। सावित्रीबाई एक कवियत्री थी और महिला पुरुष समानता की प्रेणता थी।
ये रहे उपस्थित –
इस अवसर पर मूवमेंट-21 के सदस्य जगन्नाथ सूर्यवंशी, बालाराम दड़ीग, मदन धमानिया, अमरुलाल बोस, अंबाराम सिसोदिया, प्रकाश मालवी, मोहनलाल सोनार्थिया, कचरूलाल सूर्यवंशी, अमरुलाल सोलंकी, प्रकाश मातानिया एडवोकेट, जगदीश ररोतिया, अमरलाल राठौर, मांगीलाल दडिंग, पूनमचंद बामनिया, डॉक्टर प्रकाश सूर्यवंशी, पुष्पेंद्र सूर्यवंशी, संजय बोस, श्याम परमार, भूपेंद्र बोस, रमेशचंद्र ररोतियां, डॉक्टर गोपाल सूर्यवंशी, प्रेमराज परमार पत्रकार, दीपक परमार, प्रेमनारायण गुजराती, आशीष गुजराती, सुनील मथानिया, विनोद गणावा, दिनेश रांगोटा, दीपक राठौड़, रवि परमार, गिरधारी खांडवी, राम राठौर आदि उपस्थित रहे।
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