– जावरा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सामने फूटा शिक्षकों का दर्द : बोले, हमें बेरोजगार मत बनाइए
जावरा। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के जावरा आगमन के दौरान मॉडल स्कूल जावरा के अंशकालीन शिक्षकों ने अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए जोरदार आवाज उठाई। शिक्षकों ने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से मॉडल स्कूल जावरा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब उन्हें अचानक बाहर करने की तैयारी की जा रही है।
मॉडल स्कूल, माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित हैं और जावरा, रीवा व भोपाल में कुल तीन स्कूलों में 150 से अधिक अंशकालीन शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों ने बताया कि अब माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक बुलाकर उन्हें हटाया जा रहा है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे अंशकालीन शिक्षक सीधे बेरोजगारी की ओर धकेले जा रहे हैं। यह सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि 150 से अधिक परिवारों के भविष्य की लड़ाई है। अब निगाहें सरकार पर टिकी हैं क्या वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को न्याय मिलेगा या वे बेरोजगारी की भेंट चढ़ा दिए जाएंगे ?
पुराना आदेश, फिर भी न्याय नहीं –
शिक्षकों ने मंत्री को याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में शिक्षा मंत्री रहे इंदर सिंह परमार ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि तीनों मॉडल स्कूलों में कार्यरत अंशकालीन शिक्षकों को संविदा नियुक्ति देकर सभी लाभ दिए जाएं। इस आदेश के पालन के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने समिति भी बनाई, लेकिन आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। अब उल्टा, इन्हीं शिक्षकों को हटाने की तैयारी कर दी गई है।
मंत्री का आश्वासन –
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शिक्षकों की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि आपके साथ अन्याय नहीं होगा। इस विषय में माध्यमिक शिक्षा मंडल से बात की जाएगी। शिक्षकों ने उनसे अपेक्षा जताई कि वे न्यायपूर्ण निर्णय लेकर उनके भविष्य को सुरक्षित करेंगे। इस अवसर पर युवा नेता जीतू मालवीय, समाजसेवी बंटी टुकडिय़ां सहित सभी अंशकालीन शिक्षक मौजूद रहे।
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