-सरकार से की सुरक्षा की मांग, नहीं तो 24 को नहीं होंगे नीलामी में शामिल
जावरा l मध्यप्रदेश के नीमच और खंडवा मंडी में गत 15 अक्टुम्बर 2025 को हुई घटना के बाद जावरा कृषि उपज मंडी व्यापारी संगठन ने इसका विरोध करते हुवे इसे सीधे सीधे राजनेताओ और प्रशासनीक अधिकारीयों के विवादीत बयानबाजी से प्रेरीत होना बतायल विरोध स्वरूप व्यापारियों ने शानिवार को मंडी भारसाधक अधिकारी व् जावरा अनुविभागीय अधिकारी सुनील जायसवाल को एक ज्ञापन सौपाl
ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि मंडी में हुई घटना एसे बयान न केवल व्यापारी वर्ग की छबी को आहत करते है। बल्कि दोनो वर्गों के बीच सौहार्द एवं विश्वाश की भावना को भी कमजोर करते है। यह घटना केवल नीमच या खंडवा के व्यापारियों पर ही नहीं बल्कि पुरे प्रदेश के व्यापारीयो के सम्मान पर प्रहार है। मंडी का व्यापारी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से किसानों की उपज का उचित मूल्य, उचित तौल के माध्यम से किसान व् शासन के बिच एक सेतू का कार्य करता है। देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में राजस्व (टेक्स) के माध्यम से सहयोग प्रदान करता है। इसके बावजूद भी व्यापारी वर्ग को हिन दृष्टी से देखना अत्यन्त ही खेदजनक एवं चिंताजनक है। एसी घटना एवं बयानबाजी से व्यापारी वर्ग में भय है, व्यापारी स्वंम को असहज महसूस कर रहा है। बाजार के भाव शासन की नीतियों के आधार पर ही चलते है, न की व्यापारी वर्ग द्वारा तय किये जाते है। यदि किसानों के हित को देखना है तो सरकार स्वयं की एजेंसी के माध्यम से सभी सोयाबीन की खरीद कर सकती भांवान्तर जैसी योजना की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। मंडीयो में माल क्वालिटी के अनुसार बिकता है। जावरा मंडी का व्यापारी भी एसी घटना के कारण भय में है ऐसी स्थिती में वह स्वतन्त्र रूप से व्यापार नहीं कर सकता है। यदि शासन व् प्रशासन दुवारा सुरक्षा का उचित आश्वासन नहीं दिया जाता है तो विरोध स्वरूप व्यापारी 24 अक्टूम्बर को मंडी में निकामी प्रक्रीया में भाग लेने में असमर्थ रहेगेl



