– चार वर्षों में 1.96 करोड़ की निधि, 13,248 बच्चे कुपोषण मुक्त
— वन स्टॉप सेंटर जावरा घरेलू हिंसा रोकने में साबित हुआ कारगर
– उद्योग व पेयजल योजनाओं की भी मिली जानकारी
जावरा/भोपाल। कुपोषण उन्मूलन को लेकर मध्यप्रदेश शासन गंभीर है। इसी दिशा में रतलाम जिले में विगत चार वर्षों में एक करोड़ 96 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में जावरा विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय के प्रश्न के उत्तर में दी।
मंत्री भूरिया ने बताया कि जिले में पिछले चार वर्षों में 17 हजार कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया, जिनमें से उपचार एवं पोषण प्रबंधन के माध्यम से 13 हजार 248 बच्चों को कुपोषण मुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर जावरा घरेलू हिंसा से बचाव के लिए अत्यंत सफल साबित हुआ है। विगत तीन वर्षों में कुल 540 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें 437 मामले घरेलू हिंसा से जुड़े थे। इनमें से 320 प्रकरण काउंसलिंग के माध्यम से निराकृत किए गए, जबकि 53 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।
नए उद्योगो के लिए 210 भूखण्ड किए आवंटित –
विधायक डॉ. पांडेय द्वारा पूछे गए प्रश्न पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में नए उद्योगों की स्थापना हेतु 210 भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें से 13 उद्योग प्रारंभ हो चुके हैं जबकि 30 उद्योग समय पर आरंभ नहीं हो पाए।
माही समूह जल परियोजना से मिलेगा जावरा को पानी –
इसी क्रम में डॉ. पांडेय के एक अन्य प्रश्न पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके ने बताया कि जावरा एवं पिपलौदा विकासखंडों में ग्रामीण क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए माही समूह जल प्रदाय योजना के तहत कार्य जारी है। इस योजना के माध्यम से जावरा नगरीय क्षेत्र में भी पेयजल प्रदाय का प्रावधान रखा गया है। अब तक इस योजना में 609 करोड़ रुपए का व्यय किया जा चुका है। समग्र रूप से विभिन्न मुद्दों पर मिले इन तथ्यों से स्पष्ट है कि स्वास्थ्य, सुरक्षा, उद्योग और पेयजल जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवाओं में शासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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