– राजीव कॉलोनी व चौपाटी क्षेत्र की पेयजल लाइन नाले में डूबी थी, खबर के बाद मौके पर पहुंचा अमला
जावरा। इंदौर के भगीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद जावरा की राजीव कॉलोनी और चौपाटी क्षेत्र में सामने आया नाले से गुजरती पेयजल पाइपलाइन का मामला आखिरकार प्रशासन को हिलाने में सफल रहा। Jaoraheadlines द्वारा मामले को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद आज नगर पालिका और जल प्रदाय विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुधार कार्य शुरू किया गया।
तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा था कि पेयजल की मुख्य पाइपलाइन गंदे, बदबूदार और कीचड़ से भरे नाले के बीच पड़ी हुई थी, जहां सीवेज और जहरीला पानी सीधे पाइप के संपर्क में था। सूत्रों के अनुसार यह लाइन चौपाटी जनपद पंचायत कार्यालय के पास बनी मुख्य जल टंकी से जुड़ी हुई है, जिससे राजीव कॉलोनी सहित चौपाटी क्षेत्र की कई कॉलोनियों को पानी सप्लाई किया जाता है। यानी खतरा हजारों परिवारों पर मंडरा रहा था।
खबर के बाद मौके पर हुआ काम –
Jaoraheadlines में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। गुरुवार को मौके पर सुबह जेसीबी से सफाई हुई, नाले में भरा गंदा पानी बाहर निकाला गया, नई पाइपलाइन डाली गई और नाले के पानी को फोरलेन की बड़ी नाली से जोड़ा गया, ताकि अब पेयजल पाइपलाइन के नीचे गंदा पानी जमा न हो। इस कार्रवाई से उस स्थिति को रोका गया है, जो आगे चलकर महामारी और जनहानि का कारण बन सकती थी।
CM हेल्पलाइन तक की गई थी शिकायत –
स्थानीय रहवासियों ने पहले नगर पालिका और जल विभाग से कई बार शिकायत की थी, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी मामला दर्ज कराया गया था। आज हुई कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि मीडिया और जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती।
जनता बोली : अब भी निगरानी जरूरी –
रहवासियों का कहना है कि— काम शुरू हुआ है, लेकिन जब तक पूरी तरह सुरक्षित व्यवस्था नहीं बनती, तब तक निगरानी जरूरी है। हम जहर मिला पानी नहीं पीना चाहते। अब सवाल यही है कि — क्या प्रशासन स्थायी समाधान करेगा या यह सिर्फ खबर दबाने की तात्कालिक कार्रवाई बनकर रह जाएगी?

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