– फर्जी क्लीनिक चलाने, बिना डिग्री इलाज करने और दवाइयाँ रखने के मामले में जावरा कोर्ट का सख्त फैसला; आरोपी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी
जावरा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जावरा अरुण सिंह अलावा की अदालत ने मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम की धारा 24 के तहत अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने के मामले में आरोपी दिनेश पिता भंवरलाल (53) निवासी कलालिया, थाना रिंगनोद को दो वर्ष कठोर कारावास एवं 5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री सुनील सिंह खैर ने बताया कि 11 अप्रैल 2019 को अनुविभागीय अधिकारी जावरा के निर्देश पर फरियादी डॉ. दीपक पालडिया (बीएमओ, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदिया गोयल) अपनी टीम के साथ आरोपी की कलालिया स्थित क्लीनिक पर पहुंचे। पूछताछ के दौरान आरोपी कोई वैध चिकित्सा डिग्री या क्लीनिक पंजीयन प्रस्तुत नहीं कर सका। निरीक्षण के दौरान टीम ने आरोपी की क्लीनिक से एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक दवाइयां, सर्जिकल उपकरण, चार रजिस्टर, ज़ब्त कर पंचनामा तैयार किया और सामग्री को सीलबंद किया। इसके बाद फरियादी द्वारा थाना रिंगनोद में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई, जिस पर अपराध क्रमांक 118/2019 धारा 24 म.प्र. आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने मौके का नक्शा, साक्षी बयान एवं आवश्यक कार्रवाई पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान प्रस्तुत अभियोजन साक्ष्य को विश्वसनीय मानते हुए न्यायालय ने 04/12/2025 को आरोपी दिनेश को दोषसिद्ध कर दो वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।
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