जावरा। आलोट विधानसभा के बड़ावदा में बगैर किसी रजिस्ट्रेशन के एलोपैथिक क्लिनिक संचालित करने वाले एक झोलाछाप डाक्टर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हर्षिता पिपरेवार ने 24 मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास और तीन हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया हैं।
सहायक मिडिया सेल प्रभारी भूपेन्द्र कुमार सांगते ने बताया कि थाना बडावदा पुलिस को मुखबीर से सुचना मिली कि बडावदा में कान्तिलाल मिष्ठान के पास बंगाली डाक्टर बिना किसी रजिस्ट्रेशन के अवैध रुप से एलोपैथिक दवाखाना चला रहा हैं। जो मुखबीर सुचना पर विश्वास कर पुलिस फोर्स व पंचान को हमराह लेकर मुखबीर के बताये स्थान सदर बाजार कान्तिलाल मिष्ठान के पास मिथुन दवाखाने पर पहुंचे जहां एक व्यक्ति स्टेथोस्कोप को गले मे डाले दवाई बेचते हुए दिखा। जो पुलिस को देखकर इधर-उधर दवाईयां छुपा कर भागने लगा। जिसे हमराह फोर्स की मदद से पकडा तथा नाम, पता पुछने पर उसने अपना नाम मिथुन पिता सपन राय बंगाली (32) निवासी झण्डा चौक बडावदा का रहने वाला बताया तथा मौके पर दवाखाने से एलोपैथिक दवाईयां पाई गई, जो आरोपी का कृत्य धारा 24 म.प्र. आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम के अन्तर्गत दण्डनीय पाया जाने से समक्ष पंचान उपरोक्त दवाईयों को विधिवत जप्त किया जाकर आरोपी मिथुन राय को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय में विचारण उपरांत साक्ष्य एवं तर्को के आधार पर आरोपी मिथुन पिता सपन बंगाली के विरूद्ध, धारा 24 म.प्र. आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम में एक वर्ष का सश्रम कारावास व 3000 रुपयें अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनीलसिंह खेर एवं भुपेन्द्र कुमार सांगते ने की।
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