– आरापी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्कूटी व हथियार के साथ कपड़े किए बरामद
– शनिवार को एसपी ने किया मामले का खुलासा
जावरा। पुरानी रंजीश को लेकर गला रेतने की नियत से जावरा के हुसैन टैकरी निवासी मोहम्मद हुसैन पिता जमालउद्दीन पर जान लेवा हमला करने वाले दोनो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्कूटी के साथ हथियार व खुल से सने कपड़े जब्ती में लिए है। मामले का खुलासा शनिवार को दोपहर में पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने किया।
शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी लोढ़ा ने बताया कि फरियादी शेरअली ने शहर थाना जावरा पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि मेरे बडे पापा मोहम्मद हुसैन पिता जमालउद्दीन निवासी हुसैन टेकरी जावरा के कब्रिस्तान की मस्जिद जावरा पर नमाज खत्म करकर हुसैन टेकरी जा रहे थे। बोहरा पेट्रोल पंप से थोडा आगे तिराहा पर मुदस्सीर पिता गनी ह माल निवासी हुसैन टेकरी ने पुरानी रंजीश को लेकर मोह मद हुसैन को रोककर अपनी स्कुटी से लोहे के धारदार बडा हसिया (दाव) निकालकर जान से मारने की नियत से तीन चार वार किए ओर मुदस्सीर एवं मुज फर ने मोह मद हुसैन, आवेश, शेर अली के साथ मारपीट किया। पुलिस ने रिपोर्ट पर भादवि की धारा 341, 323, 307, 34 में प्रकरण पंजीबध्द कर विवेचना में लिया।
4 घंटे में आरोपियों को किया गिरफ्तार –
पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढा एवं अति. पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा ने घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल नगर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश आर्मो व थाना प्रभारी जितेन्द्रसिंह जादौन को घटना के हर पहलु पर जांच करने के निर्देश दिए। जिसमें मामला शहर के आबादी क्षैत्र के बीच का होने से थाना प्रभारी द्वारा टीम को सक्रिय कर साक्ष्य जुटाए। साथ ही चीता टीम एवं अधिकारीयों को तुरंत रवाना कर घालयों को उपचार हेतु हास्पीटल पहुंचाया। पुलिस द्वारा त्वरित कार्र्रवाई कर दबिश देकर प्रकरण के आरोपी मुदस्सीर पिता गनी मोहम्मद रंगरेज (47) एवं मुजफ्फर हुसैन पिता गनी मोहम्मद (40) निवासी हुसैन टेकरी जावरा से घटना में प्रयुक्त वाहन स्कुटी क्रमांक एमपी 43 र्ईसी 1239 एवं हथियार हसिया (दाव) एवं पहने खुन आलुदा कपडे जप्त कर आरोपियों को 4 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया ।
इनकी रही सराहनीय भूमिका –
उक्त कार्रवाई में टीआई जितेन्द्रसिंह जादौन, उनि विजय राव सेगोकर, उनि रामनारायण सिंह, सउनि नंदकिशोर बैरागी, सउनि मुकेश सोनगरा, सउनि दशरथ माली, प्रआर गोपाल परिहार, आरक्षक अंतिम चौधरी, आरक्षक राधेश्याम चौहान, आरक्षक राजेश पंवार, आरक्षक जीवन विश्वकर्मा, आरक्षक रामप्रसाद मीणा आदि का विशेष सहयोग रहा।


