– आतिशबाजी और कीर्तन से गूंजा श्री दुख निवारण साहिब गुरुद्वारा
जावरा। “धन गुरु नानक सरा जग तरिया, जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल।” इसी जयकारे के साथ जावरा के गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब, स्टेशन रोड पर पंजाबी समाज द्वारा प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 557वां प्रकाश पर्व बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक माहौल में मनाया गया।
ज्ञानी हंसराज सिंह जी द्वारा पहले अखंड पाठ साहिब जी की समाप्ति की गई , जिसके उपरांत दूसरा श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ किया गया। ज्ञानी जी तथा बच्चों द्वारा भक्ति से परिपूर्ण शब्द कीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर राष्ट्र संत नमन वैष्णव गुरुद्वारा साहिब पधारे और संगत को विशेष संबोधन दिया। समाज की ओर से संत जी का शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
गुरुद्वारे को आकर्षक विद्युत सज्जा , गुब्बारों और पुष्पों की से सजाया गया था। शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे गुरुद्वारे पहुंचे, जिन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेका और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।दोपहर में अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के बाद लंगर का आयोजन हुआ। ज्ञानी जी ने देश और समाज में सुख, शांति और खुशहाली की अरदास की। रात्रि में 10:30 बजे से 1:30 बजे तक गुरु जन्मोत्सव मनाया गया। गुरुद्वारे में दीप प्रज्वलित किए गए और आतिशबाजी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। ज्ञानी जी ने मंगलगीत प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजिंदर सिंह गंभीर, अमृत सिंह सेठी, हरपाल सिंह गंभीर, अशोक मोंगा, सतपाल मोंगा, अशोक उबी, मंजीत सिंह सलूजा, इंद्रपाल सिंह सेठी, जसविंदर सिंह खंडूजा, कुलजीत सिंह गुर, शैलेन्द्र सिंह गुर, सन्नी सेठी, अपार सिंह गंभीर, बलविंदर सिंह सेठी, गुरजीत सिंह गंभीर, मनमीत सिंह गुर, जिम्मी सिंह, नवदीप सिंह सलूजा, रिशु गंभीर, परमजीत सिंह मदान, हेमंत मेहता, भूपेंद्र सिंह गुर, बहादुर सिंह सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी देवेन्द्र सिंह गुर ने दी।

