– भगवान शिव की आकर्षक झांकी और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए विद्यार्थी
जावरा। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर जावरा का सेंट पॉल्स कॉन्वेंट स्कूल पूरी तरह शिवमय नजर आया। भगवान शिव की आराधना और भारतीय संस्कृति की झलक को साकार करते हुए विद्यालय परिवार ने भव्य शाही सवारी निकाली। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और समस्त विद्यालय परिवार ने उत्साह, श्रद्धा और अनुशासन के साथ इस आयोजन में सहभागिता की।
शाही सवारी में भगवान शिव की आकर्षक झांकी, नंदी महाराज, माता पार्वती सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थी पारंपरिक एवं धार्मिक वेशभूषा में शामिल हुए, जिससे शाही सवारी ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का मनमोहक स्वरूप प्रस्तुत किया। सवारी के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपराओं को जीवंत किया। उनकी आकर्षक वेशभूषा, अनुशासन और उत्साह ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पूरे आयोजन के दौरान भगवान शिव के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। विद्यालय परिवार ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जोडऩा तथा उनमें आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना है।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी : देवेंद्र मूणत –
विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेंद्र मूणत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है। श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का पावन अवसर है और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोडऩे का कार्य करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने अपनी प्रतिभा और अनुशासन से शाही सवारी को यादगार बना दिया।
भारतीय संस्कृति हमारी पहचान : भाविक मूणत –
विद्यालय के प्राचार्य भाविक मूणत ने कहा कि भारतीय संस्कृति और हमारी धार्मिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। विद्यालय में समय-समय पर होने वाले ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति को समझने और उसका सम्मान करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव हमें धैर्य, त्याग, संयम एवं सकारात्मकता का संदेश देते हैं। उन्होंने शाही सवारी में सहभागी सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
सर्वांगीण विकास में संस्कार और संस्कृति का भी महत्व : पूर्वी मूणत –
विद्यालय की एकेडमिक कॉर्डिनेटर पूर्वी मूणत ने कहा कि सेंट पॉल्स कॉन्वेंट स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ संस्कार एवं संस्कृति को भी समान महत्व देता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना एवं सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रावण के अंतिम सोमवार पर आयोजित यह शाही सवारी विद्यालय परिवार की एकता, आस्था एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। शाही सवारी को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त स्टॉफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और श्रद्धा के साथ आयोजन में सहभागिता की। इस दौरान विद्यालय परिवार के सदस्यों ने भगवान शिव का पूजन एवं आराधना कर सभी के सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

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