– गीता भवन पर पुजन के दौरान मधुमक्खियों ने किया हमला, करीब 25 महिलाएं प्रभावित
जावरा। सुख व समृद्घि की कामना को लेकर सुहागिनों ने गुरुवार को दशामाता पर्व धूमधाम से मनाया। इस दौरान पूजा स्थलों पर महिलाओं की सुबह से कतारें लग गईं। महिलाओं ने सुबह पूजा अर्चना कर व्रत रखे। इधर शहर के गीता भवन पर पुजा करने के दौरान अचानक मधुमक्खी के छत्ते से मधुमक्खियोंं ने हमला कर दिया। जिससे अफरा तफरी का महोल हो गया, इस दौरान करीब 25 से अधिक महिलाएं मधुमक्खियों की चपेट में आई।
होली से शुरू हुए त्योहारों में शीतला सप्तमी के बाद गुरुवार को नगर के विभिन्न स्थानों पर दशामाता पर्व के तहत महिलाओं ने पूजन किया। लाल-गुलाबी रंग की पारंपरिक चुनड़ी और पीलिये में सज धजकर हाथों में थाल लिए पूजा स्थलों पर महिलाएं गीत गाती हुई पहुंची। सास अपनी बहुओं के साथ आई और श्रद्धा से पीपल के पेड़ की कुमकुम, अक्षत, पुष्प आदि से पूजा की। फिर माताजी को आटे से बने आभूषण अर्पित किए। गीत गाते हुए पीपल की परिक्रमा की और सूत के धागे को पीपल के चारों ओर लपेटा। फिर पथवारी पूजन भी किया। घर में भोजन में चावल, लप्सी, कड़ी का माताजी को भोग लगाकर ग्रहण किया। पूजा स्थलों पर पूजा के बाद पंडित द्वारा नील दम्यंती की कहानी सुनकर अपना पूजन पूर्ण किया।
शंकर मदिर पूल के समीप होती है मूख्य पुजा –
नगर में मुख्य रुप से शंकरमंदिर पूल के समीप बने दशा माता ओटले पर महिलाओं की ज्यादा भीड़ रहती है, वहीं शहर के मालीपुरा, मंछापूर्ण हनुमान मंदिर, इकबाल गंज, यादव मोहल्ला, स्टेशन चोराहा, पिपलौदा रोड़, बटालीयन, पुलिसथाना परिसर, काटजु नगर, राजेन्द्र नगर, ध्यान मंदिर आदि सहित कई स्थानों के साथ ग्राम लुहारी, बन्न्नाखेड़ा, भीमाखेड़ी आदि में दशामाता व पीपल की पूजा की गई।



