ईश्वर के नाम अलग अलग हैं, लेकिन ईश्वर तो एक हैं : शंकराचार्य ज्ञानानंद जी महाराज
– गीता भवन पर जारी सात दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव
जावरा। भारत देश के साथ ही पुरा राष्ट्र भिन्न भिन्न भूगोल पर बसा हैं, लेकिन पृथ्वी तो पुरी एक ही हैं, सप्त सिंधुओं के नाम तो रख लिए लेकिन पानी तो सबमें एक ही हैं, इसी प्रकार ईश्वर के नाम अलग अलग हैं, लेकिन ईश्वर तो एक ही हैं।
यह बात श्री गीता भवन ट्रस्ट जावरा द्वारा श्री गीता जयंती महामहोत्सव के उपलक्ष्य में सात दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा कथा का रसपान करवाते हुए कथा के दूसरे दिन मंगलवार को जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानन्दजी तीर्थ ने कहीं। शंकराचार्य जी ने कहा कि विश्व प्रभु की अनुभूति करे तो भारत एक हैं। कोई स्वप्र बनाकर अंत क्षणों में सोया होगा कि वह स्वप्र पूर्ण हो सके। इस इच्छा से बार बार तु रोया होगा।
कथा सह संयोजक का मनाया जन्मदिन –
मंगलवार को सात दिवसीय कथा के दूसरे दिन कथा गीता जयंती महोत्सव के सह संयोजक कैलाशनारायण विजयवर्गीय का 81 वां जन्मदिन कथा के दौरान मनाया गया। शंकराचार्य जी ने दुप्पट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया तो गीता भवन ट्रस्ट पदाधिकारियों ने विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय की उपस्थिति में अभिनंदन पत्र भेंट कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। कथा में ललिता धाकड़ सखी मित्र मंडल द्वारा शंकराचार्य जी का सम्मान भी किया गया। सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का रसपान शंकराचार्य जी द्वारा करवाया जाएगा, शाम को आरती के बाद प्रसादी वितरित की जा रही हैं। कथा का संचालन गीता जंयति महोत्सव संयोजक अभिभाषक आई.पी. त्रिवेदी ने किया।
इन्होने लिया पौथी पूजन व आरती का लाभ –
सात दिवसीय कथा के दूसरे दिन पौथी पूजन का लाभ भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा, पूर्व जनपद अध्यक्ष रामविलास धाकड़, जगपालसिंह असावती, रामबिहारी शर्मा, लक्ष्मीनारायण जोशी, बहादुरसिंह ने लिया। शाम को आरती का लाभ ट्रस्ट अध्यक्ष व विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय व रश्मि पाण्डेय, डॉ प्रकाश उपाध्याय, गिरीराज उपाध्याय, हरेन्द्रसिंह तौमर ने लिया। आरती के बाद भक्तों को प्रसादी वितरित की गई। इस दौरान समिति के अध्यक्ष डॉ.राजेन्द्र पाण्डेय, सचिव अशोक सेठिया, गीता जयंती महोत्सव संयोजक आईपी त्रिवेदी (एडवोकेट), सह-संयोजक कैलाश नारायण विजयवर्गीय, आयोजन समिति सदस्य हरिनारायण अरोड़ा, डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, मोहन पटेल, राजेन्द्र श्रोत्रिय, गायत्रीप्रसाद मंडलोई, प्रकाशचन्द्र खण्डेलवाल, तेजराम मांगरोदा के साथ संत सेवा समिति के दशरथ कसानिया, मनोहर पांचाल, जगदीश कुमावत, दिलीप हेमावत, विनोद अग्रवाल, मनोहरसिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।
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