– शंकराचार्य जी पहुंचे श्री गोपाल इफ्तेखार गौशाला, किया गौ पूजन
जावरा। गौमाता की सेवा के लिये ही इस धरा पर देवी देवताओं ने अवतार लिये है। गौमाता स्वयं एक चलता फिरता मंदिर है। जो इस कार्य में लगा है निश्चय ही उस का जीवन धन्य है और वह इस पूनित कार्य के माध्यम से अपना जीवन सार्थक कर रहा है।
उपरोक्त विचार जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंदतीर्थ ज्योतिर्मठ अवान्तर भानपुरा पीठ ने इस क्षैत्र की सबसे पुरानी गौशाला श्री गोपाल इफ्तेखार गौशाला में शुक्रवार को कही। उन्होंने गौशाला का निरीक्षण किया तथा गौ सेवा का लाभ लिया इस अवसर पर आपने बरखेड़ी गौशाला एवं शहर की गौशाला के कार्यों की प्रशंसा करते हुवे कहां कि निश्चिय ही यहां की समिति के समस्त सदस्यगण साधुवाद के पात्र है। इस गौसेवा के कार्य में लगे हुए विशेष रूप से कैलाशनारायण विजयवर्गीय की सेवाओं की सराहना की। संस्था के सदस्य अशोक सेठिया के पुत्र आराध्य सेठिया के जन्म दिवस के अवसर पर गुरूदेव शंकराचार्यजी की निश्रा में गायों की सेवा का लाभ लिया। इस अवसर पर मोहन पटेल, ईश्वर प्रसाद त्रिवेदी, हरिनारायण अरोड़ा, मनोहर पांचाल, जगदीश कुमावत, माया मोदी सहित गौभक्त उपस्थित थे। गौशाला समिति की और से शंकराचार्यजी का शॉल श्रीफल से सम्मान किया गया। संचालन एवं आभार सचिव अरविन्द पाटीदार ने माना। 
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