– शिक्षा ग्रहण कर किया तारका वध, प्रभु ने किया अहिल्या का उद्धार
– गीता जयंति महोत्सव के तहत चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा
जावरा। गाय, संत, ग्रंथ और गीता से ही यह भारत सुरक्षित है, परमात्मा अनुभव में लाने का विषय है, परमात्मा महसुस करने का विषय है, जो कथा हमारे जीवन की व्यथा समाप्त करें यही राम कथा है। गौ माता राष्ट्र माता घोषित होगी तभी राम राज्य आएगा, गाय पशु नहीं है, तुलसी पौधा नहीं है, संत में मनुष्य का भाव नहीं देखे, ये सब परमात्मा की देन है, हम सभी को हमारा आचरण, हमारी दृष्टी, हमारा खान पान, बिगड़ चुके है, इसलिए मनुष्य नीचे गिरता जा रहा है। स्वतंत्रता अच्छी बात है किंतु स्वच्छंदता ना हो स्वच्छंदता विनाशकारी है, हमारी दृष्टी बिगड़ी है इसलिए हमारी सृष्टी बिगड़ी है।
यह बात श्री गीता भवन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 84 वें श्री गीता जयंति महोत्सव के तहत आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन भक्तों को कथा का रसपान करवाते हुए कथा प्रवक्ता राष्ट्रसंत नमन वैष्णव ने कहीं। कथा के चौथे दिन कथा प्रवक्ता ने भगवान राम और लक्ष्मण, भरत और शत्रुघन शिक्षा प्राप्त कर पुन: अयोध्या लोटने, ऋषि विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण को लेकर जाने और जंगल में तारका वध कर अहिल्या का तारने का सुंदर चित्रण संगीतमय वातावारण में सुना कर पुरे पांडाल को राममय कर दिया। कथा के चौथे दिन अतिथि के रुप में आए डॉ प्रकाश उपाध्याय ने राम के जन्म से लेकर अंत तक की स्वरचित कविता का वाचन कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
इन्होने लिया आरती और पोथी पूजन का लाभ –
नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन पौथी पूजन का लाभ स्टैट बैंक कृषि शाखा प्रबंधक भारतसिंह गोयल, संचालक अजय ट्रेक्टर्स शांतिलाल पाटीदार बड़ोदा, सांवरिया सेठ मंदिर अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण जोशी, समाजसेवी रामचन्द्र पाटीदार ने लिया। शाम को आरती का लाभ डॉ प्रकाश उपाध्याय, भेरुलाल पाटीदार, ट्रस्टी दिनदयाल पाटीदार, डॉ आरएन मंडवारियां, सुशीला मंडवारियां, प्रो. एपी पाण्डेय, मनीष त्रिवेदी, संजय बोरसे, अनोखीलाल पाटीदार, रश्मि पाण्डेय, कोमल त्रिवेदी, मंजुला शुक्ला ने लिया। कथा के चौथे दिन अतिथियों और कथा प्रवक्ता का स्वागत समिति के सचिव अशोक सेठिया, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सह संयोजक कैलाश विजयवर्गीय, हरिनारायण अरोड़ा ,मोहन पटेल, राजेन्द्र श्रोत्रिय, गायत्री प्रसाद मंडलोई, आनंद गर्ग, अर्पित सेठिया, मनोहरसिंह चौहान, दीपक त्रिवेदी, आनंद पांचाल, बहादुरसिंह सोनगरा, बाबुलाल निम्बे आदि ने किया। संचालन वरिष्ठ अभिभाषक आईपी त्रिवेदी ने किया।




