जावरा। रतलाम जिले के बड़ावदा निवासी एक युवक पर अपने पिता के नाम की जमीन को कुट रचित दस्तावेज बनाकर अपने नाम कर उसे डेढ़ करोड़ में बेचने का सौंदा करते हुए 60 लाख रुपए लेकर धोखाधड़ी की हैं। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर युवक पर प्रकरण दर्ज किया हैं।
पुलिस थाना बड़ावदा पर दर्ज हुई रिपोर्ट में बताया कि आवेदक जाकिर हुसेन पिता अल्लानुर पटेल मुसलमान (29) निवासी ग्राम कलोरी कला पोस्ट जड़वासाकला जिला रतलाम ने 15 फरवरी को शिकायत प्राप्त हुई जो थाना आमद क्रमांक 53 पर दर्ज कर कार्य. सउनि सी.एल. हाड़ा द्वारा शिकायत जांच की गई शिकायत जांच के दौरान आवेदक जाकिर हुसेन, अनुबंध पत्र साक्षी आशिक खान पिता अब्दुल कलाम उम्र 30 साल निवासी 21 मोची पुरा रतलाम जिला रतलाम, एडवीन नायडू पिता टोन नायडू जाति क्रिश्चन उम्र 35 साल निवासी कालिका माता परिसर रतलाम साक्षी आमीन खान पिता अजीम खान उम्र 36 साल निवासी 365/6 विक्रम नगर रतलाम जिला रतलाम के कथन लिये गये। संपूर्ण जांच से पाया कि मयुर उर्फ निशिथ बाफना निवासी बड़ावदा ने कुटरचित राजस्व रिकार्ड के दस्तावेज तैयार कर आवेदक जाकिर हुसेन को दिखाकर जमीन रजिस्ट्री के लिये षडयंत्र पूर्वक 60 लाख रूपये हड़पकर धोखाधड़ी की है। उक्त जांच प्रतिवेदन से वरिष्ठ अधिकारियो को अवगत कराया गया संपूर्ण जांच से अनावेदक मयुर उर्फ निशिथ पिता प्रदीप बाफना निवासी बड़ावदा के विरुद्ध बीएनएस की धारा 318 (4), 338,340 (2) का पाया जाने से अपराध पंजीबद्ध किया जाता है।
इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर –
आवेदक जाकिर हुसैन ने आवेदन में बताया कि निशित बाफना उर्फ मयूर पिता प्रदीप बाफना द्वारा खसरा खाता वर्ष 2024-25 में अपने पिता प्रदीप कुमार का नाम हटाकर अपना नाम खसरे खाते मे जोडकर प्रार्थी के साथ 60 लाख रूपयो की दस्तावेजो की कुट रचना कर 60 लाख रुपए प्राप्त भी कर लिए। प्रतिप्रार्थी ने दिनांक 08.07.2024 को सर्वे क्रमांक 60/2/2 (एस) रकबा 0.5940 हेक्टर भूमि ग्राम बडावदी तह. जावरा जिला रतलाम की अपने स्वामित्व की होना बताया तथा भू अधिकार ऋण पुस्तिका सीएलआर नं. 11116058058 होकर दिनांक 17.03.2024 का नायब तहसीलदार का आदेश होना बताया तथा भूमि के पूर्व दिशा में मांगीलाल, पश्चिम में कमला, उत्तर दिशा में नाला, तथा दक्षिण दिशा में जावरा खाचरोद रोड अपने स्वामित्व व आधिपत्य का होना बताया। प्रतिप्रार्थी ने उक्त संपूर्ण भूमि 1 करोड़ 50 लाख रुपए में विक्रय करने का अनुबंध दिनांक 08.07.2024 को दो गवाहो के समक्ष किया तथा 60 लाख रुपए प्रतिप्रार्थी ने नगद प्राप्त किये तथा 90 लाख रुपए 23.09.2024 तक पंजीयन के समय अदा करने का कहा। विक्रय शुदा भूमि की सीमांकन कराकर प्रतिप्रार्थी को देना था। आवेदक ने दिनांक 23.09.2024 के बाद सीमांकन करने का कहा व पंजीयन कराने का कहा तो प्रतिप्रार्थी ने अपना मोबाईल बंद कर लिया।
जब वर्ष 2024-25 का खतोनी नक्शा ट्रेस, खसरा नकल, संलग्न अनुबंध के साथ लगाई जिसमें भूमि स्वामी का नाम निशित पिता प्रदीप बाफना उल्लेख किया। प्रतिप्रार्थी द्वारा शेष राशि देकर रजिस्ट्री करवाना थी, इसकी जानकारी प्राप्त करने पर तथा खसरे खाते की 24- 25 की नकले प्रार्थी ने निकलवाई तो ज्ञात हुआ कि उक्त सर्वे नम्बर प्रदीप कुमार पिता कोमलसिंह बाफना के नाम दर्ज हैं तथा प्रतिप्रार्थी ने उक्त खसरा खतोनी आदि में प्रदीप कुमार पिता कोमलसिंह बाफना को हटाकर कुट रचित कर अनुबंध दिनांक 08.07.2024 के साथ निशित बाफना पिता प्रदीप कुमार बाफना का नाम कुटरचित कर फर्जी दस्तावेज बना लिया तथा उसका उपयोग कर प्रार्थी के साथ धोखाधडी कर 60 लाख रुपए प्राप्त करते हुए उनके साथ धोखाधड़ी की हैं। दिनांक 03.05.2024 को प्रदीप कुमार बाफना पिता कोमलसिंह बाफना ने जाहीर सूचना निकालकर अपने पुत्र निशित व पुत्र वधु को बेदखल करने की सूचना दी। ऐसे में प्रतिपार्थी को यह ज्ञात था कि वह संपत्ति उसकी नहीं हैं उसके पिता के नाम पर हैं, फिर भी प्रतिप्रार्थी द्वारा कुटरचित दस्तावेज बनाकर राजस्व रिकार्ड में अपना नाम चढाकर 60 लाख रुपए प्राप्त कर लिए। जिस पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया हैं।


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