– जावरा अदालत ने सुनाया सख्त फैसला, 25,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया
जावरा। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जंगबहादुरसिंह राजपूत, जिला रतलाम की अदालत ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी मुद्स्सीर पिता गनी मोहम्मद (48), निवासी हुसैन टेकरी जावरा को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 25,500 रुपए के कुल अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायाधीश ने आरोपी को धारा 341 भादंवि के तहत 1 वर्ष का साधारण कारावास व 500 रुपए का अर्थदंड तथा धारा 307 भादंवि के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास व 25,000 का अर्थदंड दिया हैं, वहीं सह आरोपी मुजफ्फर को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विजय पारस ने बताया कि घटना 15 मार्च 2024 की है। फरियादी शेरअली पिता इकबाल हुसैन, निवासी आखरीपुरा जावरा, जो पानी का टैंकर चलाते हैं, अपने बड़े पापा मोहम्मद हुसैन के साथ नमाज पढ़कर लौट रहे थे। जब मोहम्मद हुसैन बोहरा पेट्रोल पम्प के आगे तिराहे पर पहुँचे, तभी पीछे से आरोपी मुद्स्सीर अपनी स्कूटी से आया और पुरानी रंजिश के चलते उन्हें रोककर लोहे के धारदार हसिए (दाव) से कई वार किए। हमले में मोहम्मद हुसैन के गर्दन व हाथ पर गंभीर चोटें आईं और वे जमीन पर गिर पड़े। इसी दौरान मुद्स्सीर का भाई मुजफ्फर भी वहाँ पहुँच गया और दोनों ने मिलकर लात-घूंसों से मारपीट की। जब फरियादी व उसका भाई आवेश बचाव के लिए आए, तो मुद्स्सीर ने आवेश पर भी हसिए से हमला किया, जिससे उसके हाथ व पैर में चोट आई। प्रत्यक्षदर्शी अजीज पिता बाबू खां और असलम पिता सलीम ने बीचबचाव किया और घायलों को सरकारी अस्पताल पहुँचाया। बाद में पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 307, 341, 323, 325, 34 भादंवि में मामला दर्ज किया। विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों—घटना स्थल निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शी, मेडिकल रिपोर्ट, एवं पीड़ितों के बयान—को विश्वसनीय मानते हुए मुद्स्सीर को दोषी पाया। सहआरोपी मुजफ्फर को साक्ष्य के अभाव में बरी किया।
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