– बाल मृत्यु दर में कमी लाना हैं अभियान का मुख्य लक्ष्य
– 22 जुलाई से प्रारंभ होगा अभियान, गुरुवार को हुआ प्रशिक्षण
जावरा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतलाम डा संध्या बेलसरे के मार्गदर्शन में जिले में बाल स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार के लिये 22 जुलाई से 16 सितंबर 25 तक डायरिया सह दस्तक अभियान चलाया जाएगा। प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने बताया कि इसी के तहत जावरा ब्लॉक में भी दस्तक अभियान के अंतर्गत 29 हजार 518 बच्चों की जांच कर सेवाएं प्रदान की जाएगी। अभियान को लेकर गुरुवार को आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सीबीएमओ ने कहा कि दस्तक अभियान की सुपरवाइजर सघन मॉनिटरिंग करे, तथा गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र जावरा में भर्ती कराए। दस्तक अभियान का मुख्य लक्ष्य बाल मृत्यु दर में कमी लाना हैं। 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को बाल्यकालीन बीमारियों से बचाना हैं, उन्हें स्वास्थ एवं पोषण सेवाएं प्रदान करना हैं। अभियान के दौरान एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की जांच कर जरूरत अनुसार जिंक टेबलेट, ओआरएस एवं अन्य जरूरी दवाईयां प्रदान करेंगी।
निमोनिया व कुपोषण की जांच के साथ होगी एनीमिया की स्क्रीनिंग –
बीईई बसंतिलाल मईडा, बीपीएम रघुनंदन पाटीदार ने बताया कि दस्तक अभियान में निम्न सेवाये दी जाएगी, निमोनिया एवं कुपोषण की पहचान तथा प्रबंधन, एचबी मीटर से एनीमिया की स्क्रीनिंग, दस्त रोग की पहचान एवं इलाज के लिए ओआरएस, जिंक टेबलेट की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे, विटामिन ए की खुराक भी बच्चों को पिलाई जाएगी, दस्तक अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी भी है सभी कर्मचारी पूरी गंभीरता एवं समर्पण के साथ इस अभियान को संचालित करे। प्रशिक्षण में सुपरवाइजर अनिल पटेल, दिनेश उपाध्याय, पूनम दायम, फरजाना, सुनीता मतानीया, मनीषा सोनी, सीमा भाटी आदि उपस्थित थे।





