जावरा। राज्य सरकार, केन्द्र के समान डीए देने पर कोई निर्णय नहीं ले पा रही है वहीं शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी कटौती कर दी गई है जिससे कर्मचारियों खासतौर पर शिक्षकों में भारी नाराजगी हैं। राज्य कर्मचारी संघ के तहसील अध्यक्ष परीक्षित पुरोहित ने बताया कि केन्द्र ने जनवरी 2024 से फिर 4 फीसदी डीए बढ़ा दिया है, जिसके बाद केन्द्रीय कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत हो गया है, लेकिन प्रदेश कर्मचारियों को अब तक 42 प्रतिशत डीए का लाभ ही मिल रहा है, जो केन्द्र से 8 प्रतिशत कम है। डीए की देरी के चलते कई बार कर्मचारी अपनी नाराजगी भी जता चुके है और सीएम के नाम ज्ञापन भी सौंप चुके है। कर्मचारियों को आशंका है कि अगर इस महीने ऐलान नहीं हुआ तो आचार संहिता के चलते फिर मामला जून तक अटक जाएगा। अब अंतिम फैसला कर्मचारियों को लेना है।
अवकाश में भी कर दी कटौति –
इधर शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी सरकार द्वारा कटौती कर दी गई है, जहाँ शिक्षकों को पूर्व में दो माह का अवकाश मिलता था। उसे पहले 45 दिन किया गया और अब एक माह कर दिया गया हैं। शिक्षकों को अर्जित अवकाश भी नहीं दिये जाते हैं। जिससे शिक्षक वर्ग खासा नाराज है, पुरोहित ने प्रदेश सरकार से तत्काल केन्द्र के समान डीए दिया जाए एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश 45 दिवस किया जाए साथ ही पहले के समान प्रति वर्ष 10 दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाए।


