– सरकारी जमीन व पंचायत रिकॉर्ड घोटाले की जांच में प्रशासन की एंट्री
– एसडीएम के नेतृत्व में पंचायत कार्यालय में छापा
– भवन पंजिका, खसरा विभाजन व फर्जी रजिस्ट्री के मूल दस्तावेज तलब
जावरा। ग्राम पंचायत रियावन में सरकारी भूमि और पंचायत अभिलेखों से जुड़ा गंभीर घोटाला अब प्रशासनिक जांच के घेरे में आ गया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर दर्ज शिकायत के बाद गठित उच्चस्तरीय जांच दल ने पंचायत कार्यालय में पहुंचकर अभिलेखों की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जावरा सुनील जायसवाल के नेतृत्व में की गई, जिसमें जनपद पंचायत पिपलौदा व राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। जांच दल ने मौके पर भवन पंजिका, भूमि अभिलेख, रजिस्टर और खसरा संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
फर्जी खसरा विभाजन से सरकारी भूमि हड़पने का आरोप –
ग्राम रियावन निवासी गौरव जैन ने 11 नवम्बर 2025 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत क्रमांक 35309040 दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पंचायत की भवन पंजिका गायब कर दी गई तथा खसरा नंबर 377 को 377/1, 377/2 और 377/3 में अवैध रूप से विभाजित कर सरकारी जमीन की फर्जी रजिस्ट्रियां कराई गईं। शिकायत के अनुसार यह पूरा खेल पंचायत और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर सुनियोजित तरीके से किया गया।
पहले भी दोषी पाए गए सचिव, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई –
चौंकाने वाली बात यह है कि जनपद पंचायत पिपलौदा की 05 फरवरी 2025 की जांच रिपोर्ट में तत्कालीन सचिव अशोक परमार और वर्तमान सचिव घनश्याम सूर्यवंशी को दोषी पाया गया था, इसके बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता की एक अन्य शिकायत को बिना निराकरण के ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल से बंद कर दिया गया, जिससे प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई।
शिकायतकर्ता की असंतुष्टि पर उच्चस्तरीय जांच –
शिकायतकर्ता की असंतुष्टि के बाद जिला पंचायत द्वारा पत्र क्रमांक 7950 दिनांक 01 दिसंबर 2025 को एसडीएम जावरा की अध्यक्षता में जांच दल गठित किया गया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर 19 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया कि मामला अब उच्च स्तरीय अधिकारी को भेज दिया गया है और जांच प्रचलन में है।
पंचायत कार्यालय में रिकॉर्ड खंगाले गए –
जांच के दौरान सीईओ जनपद पंचायत पिपलौदा श्रृंगार श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार श्रद्धा त्रिवेदी, पटवारी दीपक मेहता तथा ग्राम पंचायत सचिव ईश्वरलाल पाटीदार मौजूद रहे। जांच दल ने मौके पर भूमि दस्तावेजों, पंचायत रजिस्टरों, भवन पंजिका और शिकायत में उल्लेखित सभी बिंदुओं का रिकॉर्ड से मिलान किया।
मंगलवार तक सभी दस्तावेज पेश करने के निर्देश –
एसडीएम सुनील जायसवाल ने ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिए कि वे इस पूरे प्रकरण से जुड़े सभी मूल दस्तावेजों के साथ आगामी मंगलवार को उपस्थित हों। इन्हीं रिकॉर्ड के आधार पर अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला पंचायत एवं उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
सरकारी जमीन की लूट की निष्पक्ष जांच जरूरी : शिकायतकर्ता –
शिकायतकर्ता गौरव जैन ने कहा कि उन्होंने यह शिकायत केवल प्रमाणिक दस्तावेजों के आधार पर की है। उन्होंने कहा कि रियावन पंचायत में सरकारी जमीन और अभिलेखों के साथ गंभीर खेल हुआ है। निष्पक्ष जांच से ही सच सामने आएगा। फिलहाल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर प्रकरण की स्थिति कार्यवाही प्रचलन में दर्शाई गई है। अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि इस बड़े घोटाले में कौन-कौन जिम्मेदार हैं।

