-प्लेटफॉर्म नंबर-2 के दो निकासी गेट में से एक तत्काल चालू करने की मांग, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने स्टेशन मास्टर को सौंपा पत्र।
जावरा। जावरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 से बाहर निकलने वाले गेट बंद होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए स्टेशन से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में गेट बंद रखने के फैसले ने रेलवे प्रशासन की यात्री सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस समस्या को लेकर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने स्टेशन मास्टर को पत्र सौंपकर प्लेटफॉर्म नंबर-2 के दो निकासी गेट में से कम से कम एक गेट तत्काल चालू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक यात्रियों के आवागमन के लिए सुविधाजनक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, तब तक निकासी गेट बंद रखना उचित नहीं है।
वैकल्पिक व्यवस्था के बिना गेट बंद, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं –
दसेड़ा के अनुसार, प्लेटफॉर्म नंबर-2 का निकासी गेट बंद किए जाने से यात्रियों को बाहर जाने के लिए अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। प्लेटफॉर्म नंबर-1 और प्लेटफॉर्म नंबर-2 के बीच आने-जाने के लिए सीढिय़ों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में बुजुर्गों, दिव्यांगों और शारीरिक रूप से कमजोर यात्रियों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से कठिन हो जाती है। सवाल यह है कि जब यात्रियों के लिए सुविधाजनक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है, तो निकासी गेट बंद करने से पहले उनकी परेशानियों पर कितना विचार किया गया? रेलवे स्टेशन पर व्यवस्थाओं में बदलाव करते समय यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
बुजुर्गों और दिव्यांगों की परेशानी पर कौन देगा ध्यान ? –
रेलवे स्टेशन पर हर उम्र और शारीरिक क्षमता के यात्री सफर करते हैं। जिन लोगों को सीढय़िां चढऩे-उतरने में कठिनाई होती है, उनके लिए निकासी मार्ग बंद होना महज असुविधा नहीं, बल्कि आवाजाही में बड़ी बाधा बन सकता है। ऐसे यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि प्लेटफॉर्म नंबर-2 से बाहर निकलने के लिए क्या वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। यदि पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो गेट बंद रखने के निर्णय पर पुनर्विचार जरूरी है।
दो गेट में से एक तत्काल चालू करने की मांग –
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने मांग की है कि प्लेटफॉर्म नंबर-2 के दो निकासी गेट में से एक को तत्काल चालू किया जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
अब रेलवे प्रशासन के फैसले पर नजर –
जावरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा से जुड़ा यह मामला रेलवे प्रशासन के लिए ध्यान देने योग्य है। अब देखना होगा कि यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। यात्रियों की सुविधा को नजरअंदाज कर कोई भी व्यवस्था प्रभावी नहीं मानी जा सकती। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह निकासी गेट की समस्या का जल्द समाधान करे, ताकि बुजुर्गों, दिव्यांगों और अन्य यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके।

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