निकाय के पारदर्शी निर्णय पर भ्रामक आरोप निराधार
– पुराने फायर वाहन को बचत के साथ स्काईलिफ्टर में बदला, राजनीतिक स्वार्थी फैला रहे झूठ
जावरा। नगर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था लंबे समय से एकमात्र स्काईलिफ्टर वाहन पर निर्भर थी, जिसके कारण व्यापक क्षेत्र में समय पर मरम्मत एवं समाधान कर पाना चुनौती बन चुका था। इसी आवश्यकता को देखते हुए नगर पालिका ने बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लेते हुए अतिरिक्त स्काईलिफ्टर वाहन उपलब्ध कराने की कार्यवाही की।
नपा उपाध्यक्ष सुशील कोचट्टा ने बताया कि नगर पालिका के पास मौजूद तीन फायर वाहनों में से वाहन क्रमांक एम.पी. 43 जी 2560 का टैंक एवं आउटर बॉडी जंग से खराब हो चुकी थी, लेकिन इंजन उत्कृष्ट स्थिति में था। नया फायर वाहन खरीदे जाने के उपरांत, पुराने वाहन को डिसमेंटल कर 13 मीटर स्काईलिफ्टर में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय पी.आई.सी. की सक्षम स्वीकृति तथा पूर्ण पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के बाद लिया गया। यदि नगर पालिका नया स्काईलिफ्टर खरीदती, तो निकाय पर लगभग रुपये 30 लाख का भारी खर्च आता। मगर, निकाय हित सर्वोपरि मानते हुए पुराने वाहन का पुन:उपयोग कर यह वाहन मात्र रुपए 7,59,859/- (जीएसटी व सभी कर सहित) में तैयार करवा लिया गया। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि निकाय के संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का स्पष्ट उदाहरण भी है। इसके बावजूद कुछ राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित लोग झूठे, निराधार और भ्रामक आरोप फैला रहे हैं कि निकाय ने नया वाहन भी खरीदा और पुराने वाहन को भी सही करवा लिया। ऐसे लोग बिना तथ्यों की जांच के केवल नगर पालिका की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि निकाय ने पैसे की बचत, पारदर्शिता और जनता के हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया, जिसे जनता पूरा समर्थन दे रही है।
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