– जावरा में खेत में हुआ प्रसव : सोयाबीन कटाई करने आई महिला ने 3.2 किलो की स्वस्थ बच्ची को दिया जन्म
– प्रसव पीड़ा शुरू होते ही खेत में बैठ गई महिला, सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची; दाई ने खेत में ही कराया सुरक्षित प्रसव
जावरा। कहते हैं “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय…” यह कहावत उस समय चरितार्थ हुई, जब मजदूरी पर सोयाबीन कटाई करने आई एक गर्भवती महिला को खेत की ओर जाते समय अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। असहनीय दर्द के चलते महिला खेत में ही बैठ गई और देखते ही देखते वहीं प्रसव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षित प्रसव कराया।
जानकारी के अनुसार खाकरा कुड़ी, सैलाना निवासी 24 वर्षीय रीना बाई पति शांतिलाल मीणा सोयाबीन कटाई की मजदूरी करने के लिए लालाखेड़ा आई थीं। 6 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे टापरी से खेत की ओर पैदल जाते समय उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द बढऩे के कारण वह खेत में ही बैठ गईं। इसी दौरान लाला खेड़ा निवासी कमलेश सेन ने तत्काल सिविल हॉस्पिटल जावरा के प्रभारी डॉ. दीपक पालडिय़ा को फोन कर पूरी स्थिति की जानकारी दी। डॉ. पालडिय़ा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडिवा के मार्गदर्शन में तत्काल स्वास्थ्य टीम को मौके पर भेजा।
खेत पर दाई ने कराई डिलिवरी –
सिविल हॉस्पिटल से एंबुलेंस चालक शंकर माली के साथ दाई सुशीला शर्मा आवश्यक डिलीवरी किट लेकर लाला खेड़ा रवाना हुईं। टीम के पहुंचने तक रीना बाई की प्रसव स्थिति बन चुकी थी। इसके बाद लाला खेड़ा के खेत में ही दाई सुशीला शर्मा ने सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक प्रसव कराया। इस दौरान रीना बाई की मां भूरीबाई तथा दाई विनीता सेन भी मौके पर मौजूद थीं। प्रसव के बाद जच्चा और बच्ची को तत्काल न्यू मैटरनिटी विंग, जावरा लाया गया, जहां लेबर रूम में डॉ. दीपक पालडय़िा, श्वेता सिंह एवं शिरोमणि मसीह ने दोनों की जांच कर आवश्यक उपचार शुरू किया।
3 किलो 200 ग्राम की स्वस्थ बच्ची ने लिया जन्म –
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रीना बाई और नवजात बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। नवजात बच्ची का वजन 3 किलो 200 ग्राम है। बताया गया कि यह रीना बाई की दूसरी डिलीवरी थी। गर्भावस्था के दौरान उनकी आवश्यक जांच, टीकाकरण एवं दवाइयों का कोर्स भी पूरा हो चुका था। रीना बाई की मां भूरीबाई ने समय पर मदद पहुंचाने और सुरक्षित प्रसव कराने के लिए डॉ. दीपक पालडिय़ा सहित पूरी स्वास्थ्य टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और सेवाओं की सराहना की। यह जानकारी सिविल हॉस्पिटल जावरा के प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने दी।
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