– मुख्यमंत्री के निर्देश पर 31 मई तक लंबित प्रकरण निपटाने का दबाव, जमीनी स्तर पर दिखा असर
जावरा/रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। बंटवारा, नामांतरण और सीमांकन जैसे मामलों में तेजी लाते हुए हितग्राहियों को संशोधित नकलें वितरित की जा रही हैं, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार रतलाम जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण का विशेष अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 30 मार्च 2026 तक दर्ज बंटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन के लंबित मामलों को 31 मई 2026 तक हर हाल में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के चलते जिले के राजस्व न्यायालयों में सुनवाई और आदेश की प्रक्रिया में तेजी आई है। अधिकारियों को समयसीमा में प्रकरणों का निराकरण कर हितग्राहियों को संशोधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने भी की समिक्षा –
कलेक्टर मिशा सिंह ने भी राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर अभियान की समीक्षा की और स्पष्ट कहा कि तय समयसीमा में सभी लंबित मामलों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ई-गवर्नेंस के माध्यम से राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन त्वरित निपटारा कर पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ाई जा रही है।
जावरा एसडीएम ने बांटी संशोधित नकल –
इसी क्रम में जावरा एसडीएम सुनील जयसवाल द्वारा बंटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन प्रकरणों में आदेशों के अमल के बाद हितग्राहियों को संशोधित नकलें वितरित की गईं। लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन का दावा है कि 31 मई की डेडलाइन से पहले अधिकतम प्रकरणों का निराकरण कर दिया जाएगा, जिससे आमजन को राजस्व संबंधी परेशानियों से निजात मिल सकेगी।

Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

