जावरा हेडलाईंस इम्पेक्ट : तय रेट से अधिक में युरिया बेचने पर एक दुकान पर कार्रवाई, दुकान की सील, लायसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित
– एसडीएम ने चौकीदार को किसान बनाकर भेजा युरिया खरीदने, उसे भी अधिक दाम पर दिया
– किसानों के साथ दुकान के मुनिम ने कबूल किया अधिक रेट में युरिया बेचना
– दुकान मालिक को फोन लगाया, नहीं आया तो दुकान को कर दिया सील, आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
– कलेक्टर को भेजेंगे प्रतिवेदन, संभवत: लायसेंस निरस्तीकरण की होगी कार्रवाई
जावरा। रबी के सीजन में हर साल की तरह इस बार भी यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। किसानों को सरकार द्वारा तय दाम से अधिक रुपए में युरिया बेचे जाने और युरिया के साथ अन्य पाउच और पैकेट देने के मामले में जिम्मेदारों द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर किसानों की पीड़ा को उजागर करते हुए मंगलवार को जावरा हेडलाईंस ने अंधेरगर्दी : नहीं थम रही युरिया की कालाबाजारी, 266 का युरिया 350 से 370 रुपए में खरीदने को मजबुर किसान शिर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद खबर ने अपना असर दिखाया और जिला कलेक्टर ने तत्काल इस मामले में कार्रवाई करने के आदेश कृषि विभाग डीडीए, एसएडीओ और एसडीएम जावरा को दिए। जिसके बाद एसडीएम ने चोकीदार को भेजकर पहले स्टींग आपॅरेशन किया उसके बाद बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम जावरा की खाद बिज दुकानों पर कार्रवाई करने पहुंची। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने तय रेट से अधिक में युरिया बेचने पर एक दुकान को सील कर दिया।
मंगलवार को सरकारी दाम से अधिक राशि में युरिया बेचने की खबर के बाद जिला कलेक्टर राजेश बाथम के आदेश पर बुधवार को जावरा एसडीएम त्रिलोचन गौड़ के निर्देश पर तहसीलदार संदीप इवने, नायब तहसीलदार वैभव जैन, श्रृद्धा त्रिवेदी के साथ कृषि विभाग एसएडीओ के.आर. खेड़े शहर में स्थित खाद बिज की दुकानों पर कार्रवाई करने पहुंचे। कार्रवाई की सूचना मिलते ही सभी खााद बीज दुकान संचालकों में हडकम्प मच गया। शहर की लहसुन मंडी स्थित दुकान अनोखीलाल एण्ड संस पर जब अधिकारी कार्रवाई करने पहुंचे तो वहां खड़े किसानों ने भी अधिक दाम पर युरिया बेचने की बात कहीं, इसी बीच दो और किसान पहुंचे जिन्होने भी अधिक दाम पर युरिया लेना स्वीकार किया, वहीं किसानों के बयान के बाद दुकान पर कार्ररत मुनिम ने भी अधिक दर पर युरिया बेचने की बात स्वीकार की, जिसके बाद अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया। एसएडीओ खेड़े ने बताया कि किसान और मुनिम के बयान के बाद जब दुकानदार को फोन लगाया तो उन्होने अपना फोन रिसीव नहीं कियाद्व बाद में उनका फोन बंद हो गया, ऐसे में दुकान को सील कर दिया गया हैं, दुकानदार के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं युरिया की काला बाजारी को लेकर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्टींग ऑपरेशन से बाहर आई सच्चाई –
मामले में एसडीएम त्रिलोचन गौड़ ने बताया कि युरिया की कालाबाजारी पर कार्रवाई करने से पहले एक चौकीदार को किसान बनाकर खाद खरीदने भेजा था, जिस पर दुकानदार ने उसे 370 रुपए में देने का बोला, जिसके बाद चोकीदार के बयान और मौके पर आए दो अन्य किसानों के बयान के आधार पर कार्रवाई की हैं, दुकान मालिक नहीं मिला ऐसे में दुकान सील की हैं, कार्रवाई का प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर को भेजा जाएगा, जिसके बाद संभवत: लायसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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