– पीपीओ और सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में मांगी थी रिश्वत
– लोकायुक्त उज्जैन की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
जावरा। जावरा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त उज्जैन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के एक बाबू को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। सेवानिवृत्त शिक्षक से पीपीओ और सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के बदले 20 हजार की रिश्वत मांगने वाले आरोपी को लोकायुक्त टीम ने विद्यालय में ही ट्रैप कर गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की चर्चा शहरभर में हो रही है।
लोकायुक्त संगठन द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को जावरा में बड़ी ट्रैप कार्रवाई की हैं। जानकारी के अनुसार आवेदक लक्ष्मीनारायण लोट, निवासी विश्रामगृह के पीछे, जावरा एवं सेवानिवृत्त उच्च माध्यमिक शिक्षक (शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हाटपिपल्या, ब्लॉक जावरा) ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र एवं पी.पी.ओ. (पेंशन भुगतान आदेश) जारी करवाने के बदले स्कूल के बाबू द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
सत्यापन उपरांत हुई ट्रेप की कार्रवाई –
शिकायत के सत्यापन उपरांत लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। मंगलवार को अनिल वर्मा, सहायक ग्रेड-2 (बाबू), संकुल केंद्र शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय कमला नेहरू, जावरा को आवेदक से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया। लोकायुक्त ने यह कार्रवाई संकूल केन्द्र कमला नेहरु विद्यालय पर ही की। लोकायुक्त डीएसपी दिनेश पटेल के अनुसार आरोपी ने रिश्वत की राशि अपने हाथ में लेकर टेबल की दराज के ऊपर रखे रजिस्टर के नीचे छिपा दी थी। टीम ने मौके पर ही राशि बरामद कर ली। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इधर विद्यालय में लोकायुक्त की कार्रवाई होते ही समूचे स्कूल में हडकंप मच गया।
15 हजार पहले कर चुके ऑनलाईन –
मामले में शिकायतकर्ता लक्ष्मीनारायण ने बताया कि विद्यालय के बाबू अनिल वर्मा ने सेवानिवृत पर मिलने वाले पीपीओ तथा सेवानिवृति प्रमाण के लिए रिश्वत की मांग की थी, मार्च से लेकर अब तक वे करीब 15 हजार रुपए ऑनलाईन दे चुके थे, लेकिन उसके बाद भी उनका कोई काम नहीं हुआ। पीपीओ तो दूर सेवानिवृत प्रमाण पत्र भी अब तक नहीं मिला। ऐसे में परेशान होकर उन्होने लोकायुक्त में शिकायत की थी। मंगलवार को भी उन्होने बाबू को 10 हजार रुपए नगद दिए थे। इस दौरान लोकायुक्त ने कार्रवाई कर बाबू को रंगे हाथों ट्रेप किया।
टीम में ये रहे शामिल –
यह कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार यादव के मार्गदर्शन एवं डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के नेतृत्व में की गई। ट्रैप दल में निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत तथा आरक्षक उमेश जाटव, श्याम शर्मा, नीरज राठौर एवं संदीप कदम शामिल रहे। लोकायुक्त संगठन ने कहा है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

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