– रतलाम के पिंटु मुनिया से मुरम निकालने के बदले मांगे थे 40 हजार
– पहली किश्त 20 हजार की लेते रंगे हाथों पकड़ा
जावरा। विधानसभा के ग्राम हरियाखेड़ा के भाजपा समर्थित सरपंच को ईओडब्ल्यू उज्जैन की टीम ने मुरम निकालने के लिए पंचायत द्वारा जारी किए जाने वाले अनापत्ती प्रमाण पत्र के एवज में रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा हैं। खबर लिखे जाने तक चौपाटी बस स्टेण्ड स्थित यातायात चौकी पर टीम की कार्रवाई जारी रही।
ईओडब्ल्यू डीएसपी अमित कुमार भट्टी ने बताया कि रतलाम के मोहन नगर निवासी पिटु पिता अंबाराम मुनिया ने 21 जनवरी 25 को ईओडब्ल्यू उज्जैन को आवेदन देकर बताया था कि ग्राम हरियाखेड़ा सरपंच जितेन्द्र पाटीदार उनसे मुरम निकालने के लिए पंचायत द्वारा दिए जाने वाले अनापत्ती प्रमाण पत्र के बदले 40 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा हैं, अत: वो रिश्वत देने के बजाय उसे रंगे हाथों पकड़वाना चाहता हैं। जिस पर तस्दीक कर मामला की जांच की गई, जिसके बाद प्रथम सूचना पत्र जारी किया गया। ईओडब्ल्यू उज्जैन एसपी दिलीप सोनी ने कार्रवाई के लिए ट्रेप दल गठित किया। जिसमें एडिशनल एसपी अजय केथवास के निर्देशन में टीम ने गुरुवार को दोपहर में जावरा पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
यातायात चौकी के पास हुआ ट्रेप –
डीएसपी ने बताया कि फरियादी पिंटु मुनिया और सरपंच के बीच हुई डील के अनुसार गुरुवार को पहली किश्त देने के लिए सरपंच जितेन्द्र को बस स्टेण्ड के समीप यातायात चौकी के पास बुलाया, जैसे ही पिंटु ने सरपंच को रुपए दिए, वेसे ही टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और यातायात चौकी के अंदर बैठाकर कार्रवाई प्रारंभ की। डीएसपी ने बताया कि फिलहाल मामले में कार्रवाई जारी हैं। विधि अनुसार जो भी कार्रवाई हैं, वह की जार ही हैं। सरपंच द्वारा जो रिश्वत काण्ड किया हैं, उसको लेकर जिला पंचायत को प्रतिवेदन भेज दिया जाएगा। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
10 सदस्यीय दल में ये रहे शामिल –
एसपी दिलीप सोनी ने एडीशनल एसपी अजय कैथवास के नेतृत्व में10 सदस्यीय ट्रैप दल का गठन किया गया। डीएसपी अमित वट्टी, निरीक्षक अनिल शुक्ला, रीमा यादव, उपनिरीक्षक अर्जुन मालवीय, प्रधान आरक्षक मोहन पाल, विशाल बादल, गौरव जोशी, चंद्रशेखर, मनोज, भरत मंडलोई शामिल रहे।


