– विद्यार्थियों को बताए बाल अधिकार और साइबर सुरक्षा के उपाय
– व्यवहार न्यायाधीश शिवानी राठौर ने बच्चों को लैंगिक अपराधों, ऑनलाइन सुरक्षा, शिक्षा के अधिकार और नि:शुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
जावरा। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम तथा तहसील विधिक सेवा समिति जावरा के मार्गदर्शन में संचालित अखिल भारतीय जागरूकता अभियान ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत बुधवार, 4 नवंबर को जावरा पब्लिक स्कूल में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड जावरा शिवानी राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
बच्चों को बताया कैसे करें अपने अधिकारों की रक्षा –
शिविर में न्यायाधीश शिवानी राठौर ने विद्यार्थियों को सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को उनके अधिकारों, लैंगिक अपराधों से संरक्षण तथा ऑनलाइन माध्यमों से होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ अनुचित व्यवहार करता है तो डरने या चुप रहने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और समय पर शिकायत करना बेहद जरूरी है।
साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी जरूरी –
ऑनलाइन सुरक्षा के संबंध में उन्होंने बताया कि वर्तमान इंटरनेट युग में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी निजी जानकारी, पासवर्ड, फोटो एवं अन्य व्यक्तिगत विवरण अनजान व्यक्तियों के साथ साझा नहीं करने चाहिए। उन्होंने आईटी एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से आपत्तिजनक एवं गैरकानूनी सामग्री भेजना या प्रसारित करना दंडनीय अपराध है।
संविधान और नि:शुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी –
शिविर में विद्यार्थियों को संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 15 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता का अधिकार प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 15 धर्म, जाति, लिंग और जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव को प्रतिबंधित करता है। इसके साथ ही नालसा की वर्ष 2015 की बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाओं एवं उनके संरक्षण संबंधी योजना, शिक्षा के अधिकार, शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, सालसा की नि:शुल्क हेल्पलाइन, विधिक सेवा मोबाइल एप तथा नि:शुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने पूछे कानूनी सवाल –
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कानून एवं अपने अधिकारों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीश द्वारा सरल भाषा में समाधान किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य पीयूष मूणत, अधिवक्ता अर्पित चत्तर, विद्यालय का समस्त स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं तहसील विधिक सेवा समिति जावरा का स्टाफ उपस्थित रहा।

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