– केसरिया, अंबे और शिवशक्ति ग्रुप की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, प्राचार्य भाविक मूणत ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
जावरा। स्थानीय सेंट पॉल्स कॉन्वेंट स्कूल, जावरा में गरबा महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास, उमंग और उत्साह के साथ किया गया। विद्यार्थियों ने पारंपरिक गरबा नृत्य, आकर्षक वेशभूषा और शानदार सामूहिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं की मनमोहक छटा बिखेरी। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
महोत्सव में केसरिया ग्रुप, अंबे ग्रुप और शिवशक्ति ग्रुप ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने संगीत की लय पर शानदार तालमेल, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ गरबा प्रस्तुत किया। तीनों समूहों की प्रस्तुतियों में भक्ति, रचनात्मकता और पारंपरिक लोककला का सुंदर संगम देखने को मिला।
संस्कृति और संस्कारों से जोडऩे की पहल –
विद्यालय में गरबा महोत्सव आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक लोककलाओं से जोडऩा तथा उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों, अनुशासन, सहयोग और आत्मविश्वास का विकास करना भी आवश्यक है। केसरिया ग्रुप ने अपने उत्साहपूर्ण प्रदर्शन से समां बांधा, वहीं अंबे ग्रुप की प्रस्तुति में भक्ति और पारंपरिक गरबा की सुंदर झलक देखने को मिली। शिवशक्ति ग्रुप ने आकर्षक नृत्य शैली और सामूहिक तालमेल से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। विद्यार्थियों की रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और लयबद्ध प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बना दिया।
प्राचार्य भाविक मूणत ने की विद्यार्थियों की सराहना –
विद्यालय के प्राचार्य भाविक मूणत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और संस्कारवान नागरिक बनाना भी है। सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारती है और उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानने का अवसर देती है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। आवश्यकता उस प्रतिभा को पहचानने, सही दिशा देने और निरंतर अभ्यास के माध्यम से विकसित करने की है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
प्रतिभाओं को अवसर देना विद्यालय की जिम्मेदारी : देवेंद्र मूणत –
संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेंद्र मूणत ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानना और उसे विकसित करने के लिए उचित अवसर उपलब्ध कराना प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विद्यालय का प्रयास होना चाहिए कि हर विद्यार्थी को अपनी रुचि, क्षमता और रचनात्मकता के अनुरूप आगे बढऩे का अवसर मिले। विद्यालय की एकेडमिक कॉर्डिनेटर पूर्वी मूणत ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत न केवल हमारे अतीत की पहचान है, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को बेहतर बनाने का आधार भी है।
सामूहिक सहभागिता और आत्मविश्वास का संदेश –
गरबा महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों ने सामूहिक सहभागिता, अनुशासन, सहयोग और सांस्कृतिक एकता का परिचय दिया। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपनी परंपराओं से जुडऩे का अवसर प्रदान करते हैं। सेंट पॉल्स कॉन्वेंट स्कूल, जावरा का यह आयोजन शैक्षणिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों को महत्व देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल रहा। गरबा महोत्सव ने भारतीय लोककला और परंपराओं के प्रति विद्यार्थियों की रुचि को प्रोत्साहित करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास का संदेश भी दिया।
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