– सफाई कर्मचारियों ने शहर में निकाली रैली, की जमकर नारेबाजी
जावरा। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के निराकरण को लेकर मंगलवार को जावरा में भी सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर आंदोलन का समर्थन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारी घंटाघर चौराहे पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे।
12 मांगों ने बढ़ाई नगर पालिका की मुश्किलें –
नगर पालिका संयुक्त कर्मचारी संघ जावरा सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में 12 प्रमुख मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की गई है। इनमें वर्ष 2017 में विनियमित किए गए कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नियमित करने, वर्ष 2007 से 2019 तक 10-12 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, एरियर का भुगतान तथा जनसेवक पद पर जनसेवक की ही नियुक्ति जैसी मांगें शामिल हैं।
इन मागों पर भी दिया जोर –
ज्ञापन में नगर की बढ़ती आबादी को देखते हुए 50 पुरुष एवं 50 महिला सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, ठेका प्रथा पर रखे गए आउटसोर्स कर्मचारियों को नगर पालिका के वाहन चालकों के कार्य पर रखने, प्रतिवर्ष मिलने वाला वर्दी/कपड़ा भत्ता दिए जाने तथा कर्मचारियों को ड्रेस और जूते उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों एवं विनियमित कर्मचारियों की आकस्मिक मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति, नगर पालिका में 10-15 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों को 30 दिवस में स्थायी किए जाने, योग्यता के अनुसार कुशल वेतन दिए जाने और फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को छुट्टी देने की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से रखी गई है।
‘मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल’ –
ज्ञापन में कर्मचारी संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि प्रदेशव्यापी मांगों के साथ स्थानीय मांगों का भी शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो नगर पालिका कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। नगर पालिका कार्यालय पहुंचने के बाद कर्मचारी नेताओं ने सभा को संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
अधिकारियों से चर्चा भी रही बेनतीजा –
प्रदर्शन के बाद कर्मचारी नेताओं ने नगर पालिका अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद अधिकारियों के साथ मांगों को लेकर चर्चा हुई, लेकिन चर्चा किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। यही कारण रहा कि कर्मचारियों ने बुधवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की मांगों पर नगर पालिका कब तक फैसला लेती है? यदि हड़ताल आगे बढ़ती है तो इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था और आम नागरिकों पर पड़ सकता है।
ज्ञापन की चेतावनी से साफ है रुख –
कर्मचारियों ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट कर दिया है कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ऐसे में मंगलवार का प्रदर्शन महज सांकेतिक विरोध नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में नगर पालिका प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती का संकेत माना जा रहा है।
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