– फसल बीमा, घोड़ारोज से बर्बाद फसल, कॉलोनाईजर द्वारा बंद किए गए रास्ते, अधूरी पुलियाओं और मुआवजे की मांग को लेकर जावरा-पिपलौदा के किसानों का उग्र प्रदर्शन
– जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ के नेतृत्व में प्रशासन को सौंपे थोकबंद ज्ञापन।
जावरा। फसल बीमा की प्रीमियम राशि जमा करने के बावजूद बीमा का लाभ नहीं मिलने, घोड़ारोज से लगातार बर्बाद हो रही फसलों का मुआवजा, वन्यजीवों से राहत, अधूरी पुलियाओं के निर्माण, कॉलोनाईजर द्वारा खतों तक पहुंचने के पारम्परिक रास्तों को बंद करने और किसानों की अन्य लंबित समस्याओं को लेकर मंगलवार को जावरा और पिपलौदा तहसील के किसानों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने वाहन रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बीमा कंपनी पर किसानों का बड़ा आरोप, बोले- प्रीमियम लिया लेकिन बीमा नहीं दिया –
किसानों ने आरोप लगाया कि फसल बीमा कंपनी ने किसानों से प्रीमियम राशि तो वसूल ली, लेकिन समय आने पर बीमा का लाभ नहीं दिया। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
गीता भवन से निकली रैली, शहर में गूंजे किसानों के नारे –
दोपहर करीब 12 बजे स्थानीय गीता भवन चौराहे से किसानों की वाहन रैली शुरू हुई। चारपहिया और दोपहिया वाहनों के काफिले के साथ किसान शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए चौपाटी बस स्टैंड स्थित अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय पहुंचे। पूरे रास्ते किसानों ने प्रशासन और बीमा कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना, अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया –
एसडीएम कार्यालय पहुंचने के बाद किसानों ने धरना शुरू कर दिया और तत्काल जवाब की मांग करने लगे। स्थिति को देखते हुए एसडीएम रचना शर्मा ने कृषि, वन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर किसानों की शिकायतें सुनीं। वहीं फसल बीमा से जुड़े अधिकारियों को भी रतलाम से तलब किया गया।
घोड़ारोज से बर्बाद फसल, मुआवजा और मारने की अनुमति की मांग –
किसानों ने कहा कि घोड़ारोज के कारण उनकी फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं। उन्होंने फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने के साथ ही घोड़ारोज की समस्या से स्थायी राहत दिलाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। साथ ही किसानों ने जावरा-रिंगनोद से असावती मार्ग पर अधूरी पुलियाओं का निर्माण तथा क्षतिग्रस्त पुलियाओं की मरम्मत जल्द कराने की मांग भी उठाई।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा –
एसडीएम रचना शर्मा ने मौके पर ही संबंधित विभागों को शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिन मांगों का निराकरण स्थानीय स्तर पर संभव नहीं था, उन्हें वरिष्ठ कार्यालय एवं शासन स्तर पर भेजकर समाधान कराने का आश्वासन दिया।
ये रहे आंदोलन में शामिल प्रमुख चेहरे –
धरना-प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़, पिपलौदा जनपद अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह सोलंकी, दिलीप राव मंडलोई, नंदराम शाह, आशीष शर्मा, रिंगनोद सरपंच युसूफ खान, रमेश धाकड़, जितु मालवीय सहित जावरा एवं पिपलौदा क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान और किसान नेता मौजूद रहे।


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