– डीपी धाकड़ के नेतृत्व में 300 किसानों ने एसडीएम रचना शर्मा को सौंपा ज्ञापन
– सेजावता के किसानों का आरोप—कॉलोनाइजर ने पुश्तैनी रास्ते पर दीवार खड़ी कर बंद किया आवागमन, जल निकासी भी रोकी
– तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी।
जावरा। ग्राम सेजावता के सैकड़ों किसानों का गुस्सा गुरुवार को उस समय फूट पड़ा जब जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) रचना शर्मा के कार्यालय पहुंचे और अपनी वर्षों पुरानी कृषि भूमि तक जाने वाले रास्ते को खुलवाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन से पूर्व किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि गांव में उनकी कृषि भूमि तक आने-जाने का पुश्तैनी एवं पारंपरिक रास्ता, जो वर्षों से उपयोग में था, उसे एक कॉलोनाइजर द्वारा अपनी भूमि में शामिल कर लिया गया है। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने सर्वे नंबर 218/1 एवं 218/2 में दीवार बनाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है।
जल निकासी भी रोकी, बारिश में बढ़ेगी परेशानी –
किसानों ने ज्ञापन में कहा कि केवल रास्ता ही बंद नहीं किया गया, बल्कि पानी की निकासी का प्राकृतिक मार्ग भी अवरुद्ध कर दिया गया है। इससे बारिश के दौरान खेतों में जलभराव की स्थिति बनेगी और फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। साथ ही कृषि उपकरणों और ट्रैक्टरों का खेतों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
300 से अधिक किसानों के हस्ताक्षर –
ज्ञापन पर राजेन्द्र धाकड़, रामनिवास धाकड़, चतरराम धाकड़, जितेन्द्र धाकड़, राकेश नायमा, मनीष नायमा, जगदीश मेहता सहित लगभग 300 किसानों का समर्थन और हस्ताक्षर दर्ज हैं। किसानों ने एसडीएम से मांग की है कि प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण कर बंद किए गए रास्ते और पानी निकासी के मार्ग को खुलवाए, ताकि किसानों को खेती-किसानी में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने कहा कि किसानों के पारंपरिक अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो किसान व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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