– 300 कार्यरत सहायक प्राध्यापकों की पदोन्नति पर सरकार के निर्णय का किया स्वागत
जावरा। मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में 300 कार्यरत सह प्राध्यापकों को प्रोफेसर (प्राध्यापक) पदनाम दिए जाने के बाद अब सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी इसका आर्थिक लाभ देने की मांग तेज हो गई है। जावरा निवासी समाजसेवी एवं शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रतलाम से दिसंबर 2023 में सह प्राध्यापक (अर्थशास्त्र) पद से सेवानिवृत्त हुए डॉ. मदनलाल गांगले ने इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय, भोपाल से कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. गांगले ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सरकार द्वारा कार्यरत सह प्राध्यापकों को प्रोफेसर पदनाम प्रदान करना स्वागत योग्य निर्णय है, लेकिन पिछले दस वर्षों या उससे अधिक समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा करते हुए सेवानिवृत्त हुए अनेक सह प्राध्यापक इस लाभ से वंचित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों ने भी अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी एवं समर्पण के साथ शासकीय दायित्वों का निर्वहन किया है, इसलिए उन्हें भी वरिष्ठता क्रम के आधार पर प्रोफेसर पदनाम का आर्थिक लाभ मिलना चाहिए।
समीक्षा कर दी जाए पदोन्नति –
डॉ गांगले ने बताया कि इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के समक्ष मांग रखी गई है कि वरिष्ठता सूची के अनुसार पदोन्नति की पात्रता रखने वाले सेवानिवृत्त सह प्राध्यापकों के मामलों की समीक्षा कर उन्हें भी पदोन्नति का वित्तीय लाभ स्वीकृत किया जाए। उनका कहना है कि इससे वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों के साथ न्याय होगा और लंबे समय से लंबित प्रकरणों का भी समाधान हो सकेगा। डॉ. गांगले ने उम्मीद जताई कि उच्च शिक्षा विभाग इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा तथा पात्र सेवानिवृत्त सह प्राध्यापकों को भी प्रोफेसर पदनाम के साथ आर्थिक लाभ प्रदान करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लेगा।


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