– डी.पी. धाकड़ के नेतृत्व में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, अवैध बाउंड्री हटाकर मार्ग और पानी निकासी बहाल करने की मांग।
जावरा। जावरा से भूतेड़ा मार्ग पर स्थित सेजावता दशहरा मैदान से बरखेड़ी और उपलाई गांव को जोडऩे वाले वर्षों पुराने परंपरागत मार्ग को कथित रूप से बंद किए जाने का मामला अब प्रशासन तक पहुंच गया है। क्षेत्र के किसानों ने कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य डी.पी. धाकड़ के नेतृत्व में एसडीएम जावरा के नाम तहसीलदार सहदेव मोरे को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि कॉलोनाइजर ने अवैध रूप से बाउंड्री और निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया है, जिससे हजारों किसानों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मार्ग बहाल कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
सेेजावता दशहरा मैदान से बरखेड़ी और उपलाई गांव जाने वाले परंपरागत मार्ग को बंद किए जाने के विरोध में सोमवार को किसानों ने कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य डी.पी. धाकड़ के नेतृत्व में तहसीलदार सहदेव मोरे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि यह मार्ग वर्षों से ग्रामीणों और किसानों के आवागमन का प्रमुख रास्ता रहा है, लेकिन वर्तमान में एक कॉलोनाइजर द्वारा इस मार्ग को अवैध रूप से बंद कर दिया गया है। आरोप है कि पानी की निकासी के नाम पर पाइप डाल दिए गए हैं, जिससे केचमेंट क्षेत्र का पानी सड़क पर जमा हो रहा है और मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है।
रातो रात पोकलेन से खोद कुंआ –
किसानों का कहना है कि बरसात के दौरान तथा कस्तूरबा भवन में किसी भी कार्यक्रम के समय यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे आसपास के हजारों किसानों और ग्रामीणों को खेतों तक पहुंचने तथा आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कॉलोनाइजर ने रातों-रात पोकलेन मशीन से खुदाई कर रास्ते के बीच कुएं का निर्माण करवा दिया, जिससे परंपरागत मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। किसानों ने इसे सुनियोजित तरीके से रास्ता बंद करने की कार्रवाई बताया है।
अवैध बाउंड्री हटाने और रास्ता खोलने की मांग –
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि परंपरागत रास्ते पर बनाई गई अवैध बाउंड्री और अन्य बाधाओं को तत्काल हटाया जाए, पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था कर मार्ग को पुन: चालू कराया जाए तथा पूरे मामले की जांच कर संबंधित कॉलोनाइजर के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राजेंद्र धाकड़, मुकेश धाकड़, कन्हैयालाल धाकड़, मांगीलाल धाकड़, राजू नायमा, मनीष नायमा, सीताराम धाकड़ सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।


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