– स्टेशन रोड पुलिस की बड़ी सफलता, सर्राफा बाजार में डकैती की साजिश रच रहे 6 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
रतलाम। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील सर्राफा बाजार पर एक बड़ी वारदात का खतरा मंडरा रहा था। अंतरराज्यीय पारदी गैंग ने न सिर्फ डकैती की पूरी तैयारी कर ली थी, बल्कि बाजार की रेकी भी कर ली थी। हथियारों से लैस बदमाश सही मौके का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे अपने मंसूबों में कामयाब हो पाते, स्टेशन रोड पुलिस ने घेराबंदी कर पूरी साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस ने 6 आरोपियों को घातक हथियारों और चोरी-डकैती में इस्तेमाल होने वाले औजारों के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में रात्रि गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान थाना स्टेशन रोड प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्रसिंह जादौन को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि पंचपीर दरगाह और नई ईदगाह के पास उंकाला रोड पर 6-7 संदिग्ध व्यक्ति घातक हथियारों के साथ बैठे हैं और चांदनी चौक सर्राफा बाजार की किसी बड़ी ज्वेलरी दुकान में डकैती डालने की योजना बना रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी जादैन ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया।
तीन टीमों ने की घेराबंदी, मौके से 6 आरोपी गिरफ्तार –
निरीक्षक जितेन्द्रसिंह जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पंचपीर दरगाह के पास उंकाला रोड पर दबिश दी और चारों तरफ से घेराबंदी कर 6 आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से कई घातक हथियार और चोरी-डकैती में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद हुए। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और रतलाम के सर्राफा बाजार को निशाना बनाने की तैयारी कर चुके थे।
हथियारों का जखीरा बरामद, हाइड्रोलिक कटर भी मिला –
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक लोहे की धारदार तलवार, एक धारदार फालिया, एक रॉडनुमा गुप्ती, एक लोहे की टॉमी, एक लकड़ी का डंडा और एक काले रंग का बैग बरामद किया है। बैग में गुलेल, हाइड्रोलिक कटर, पाना और पेचकस जैसे औजार भी मिले हैं, जिनका उपयोग चोरी और डकैती की घटनाओं में किया जाता है।
एक आरोपी ने की थी सर्राफा बाजार की रेकी, अंधेरे में हुआ फरार –
पुलिस जांच में सामने आया कि रतलाम के बजरंग नगर निवासी दिनेश हांडा ने पहले ही सर्राफा बाजार की रेकी कर ली थी और गिरोह को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई थी। हालांकि पुलिस की दबिश के दौरान वह अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
कई आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं गंभीर अपराध –
पुलिस द्वारा आईसीजेएस पोर्टल पर आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड निकलवाया गया, जिसमें कई गंभीर अपराध सामने आए। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रभात उर्फ चेतन बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में हुई एक बड़ी डकैती का फरार इनामी आरोपी है। वहीं कई अन्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और स्थायी फरारी वारंट भी जारी हैं। प्रभात जावरा के बजाज खाना स्थित कोठारी ज्वेलर्स पर चोरी करने वाली गैंग के साथ ही काम कर चुका हैं।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी –
स्टेशन रोड़ पुलिस ने इस मामले में कैलाश पिता सुखदेव मोंगिया (56) वर्ष, निवासी ग्राम मुंडरा, थाना पिपराई, जिला अशोकनगर, मेहरसिंह उर्फ नेहरसिंह उर्फ नेहरिया पिता गुलाबसिंह मोंगिया, (60), निवासी ग्राम गुलगांव, थाना सांची, जिला रायसेन, नामेश उर्फ सोल्जर पिता मेहरसिंह मोगिया, (20), निवासी ग्राम गुलगांव, थाना सांची, जिला रायसेन, प्रभात उर्फ चेतन पिता मेहरसिंह मोंगिया, (27), निवासी ग्राम गुलगांव, थाना सांची, जिला रायसेन, निखील पिता सुजीत मोगिया, (19), निवासी बिरलाग्राम बागरी टापरी, थाना नागदा, जिला उज्जैन, मूल निवासी जिला गुना के साथ वजूद उर्फ अंगद पिता संटिया मोगिया, (29), निवासी रतवास चक, थाना पिपरई, जिला अशोकनगर। वहीं दिनेश हांडा पिता बने सिंह हांडा, निवासी बजरंग नगर, रतलाम फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी हैं।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज –
थाना स्टेशन रोड रतलाम में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 458/2026 पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) की धारा 310(4), 310(5) तथा आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका –
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी स्टेशन रोड निरीक्षक जितेन्द्रसिंह जादौन ने स्वयं टीम का नेतृत्व किया। उनके साथ उप निरीक्षक जितेन्द्रसिंह कनेश, उप निरीक्षक विजयसिंह बामनियाँ, प्रधान आरक्षक हेमन्त परमार मुकेशसिंह चौहान, विजय मीणा, आरक्षक दीपक मकवाना, ललित वर्मा, गोपाल आंजना, हरिकिशन पंवार, लखनसिंह, विरेन्द्र सोनी, लोमेश शर्मा (सीसीटीएनएस) की भूमिका सराहनीय रही।


