– 21वीं सदी के ट्रेंडिंग करियर” विषय पर एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन
जावरा। जावरा पब्लिक स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए “कैरियर परामर्श सत्र – 21वीं सदी के ट्रेंडिंग करियर” विषय पर एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की दिशा में सही मार्गदर्शन प्रदान करना और उनके अंदर छिपी संभावनाओं को पहचानने में सहायता करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था डायरेक्टर विनोद मूणत, प्राचार्य पियूष मूणत, एवं किड्जी डायरेक्टर शोभित मूणत द्वारा किया गया। विशेष अतिथि के रूप में पारूल यूनिवर्सिटी बड़ौदा से आए डाॅ. पवन द्विवेदी, मप्र-छत्तीसगढ़ के रिजनल मैनेजर प्रवीन प्रभाकर एवं मार्केटिंग मैनेजर हितेष चौधरी का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। प्राचार्य पियूष मूणत ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करेगी कि उनका भविष्य किन क्षेत्रों में अधिक उज्ज्वल हो सकता है। उन्होंने कहा कि सही करियर चयन केवल एक निर्णय नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन और सही मार्गदर्शन की प्रक्रिया है।
डाॅ. पवन द्विवेदी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि कैरियर योजना एक “समुंद्रमंथन” की तरह है, यह एक मंज़िल नहीं बल्कि सतत चलने वाली यात्रा है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सफलता के लिए सकारात्मक सोच, सही खान-पान और दृढ़ संकल्प आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब आपके आसपास लोग नकारात्मक बातें करें, तो उस वातावरण को छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “अतुल्य भारत” आज विज्ञान, तकनीक, कृषि, सुरक्षा और अनुसंधान के क्षेत्रों में विश्व में अग्रणी स्थान रखता है। भारत आज दुनिया को भोजन प्रदान करता है — यह हमारे किसानों की मेहनत और तकनीकी विकास का परिणाम है। विद्यार्थियों से उन्होंने आह्वान किया कि वे हटकर सोचें और बदलते पर्यावरण, जलवायु, तथा तकनीकी क्षेत्रों को अपने करियर का हिस्सा बनाएं। उन्होंने छात्रों को एनडीए, एएफसीएटी, एग्रीकल्चर, क्लेट, जर्नलिज्म, मास कम्यूनिकेशन, तकनीकी शिक्षा जैसे उभरते करियर विकल्पों के बारे में जानकारी दी और इन क्षेत्रों में संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने कई महत्वपूर्ण बिंदु नोट किए और उत्साहपूर्वक अपने प्रश्न पूछे।
अंत में संस्था डायरेक्टर विनोद मूणत ने कहा “जीवन की सही दिशा चुनना केवल अंकों या डिग्री का प्रश्न नहीं है, बल्कि अपने जुनून और योग्यता को पहचानने की कला है। हमारा उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को उसके सपनों की उड़ान के लिए सही दिशा और प्रेरणा देना है।” इस प्रेरणादायक कार्यशाला ने विद्यार्थियों के मन में नए विचारों और संभावनाओं का संचार किया, जिससे वे अपने भविष्य के प्रति और अधिक आत्मविश्वास से भर उठे।


