जावरा / बड़ी साखतली। साहित्य समाज का दर्पण रहा है, और जब-जब सामाजिक एवं राजनीतिक मूल्यों में गिरावट आई है, तब साहित्य ने समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य किया है। यह विचार कांठल क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार हरीश व्यास ने गांव बड़ी साखतली में आयोजित राजेंद्र श्रोत्रिय की संस्मरण कृति “मेरी उड़ान” के विमोचन एवं प्रतिभाशाली बेटियों के सम्मान समारोह में व्यक्त किए।
डी. डी. राणावत ने कहा कि छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साहित्यिक पहचान बनाना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि गांव बड़ी साखतली को राजेंद्र श्रोत्रिय पर गर्व है। इस अवसर पर ठाकुर कृष्णपाल सिंह, विजय सिंह राणावत, घनश्याम श्रोत्रिय ने भी उनके साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में प्रतापगढ़ से आए अतिथि कवि सुरेंद्र सुमन एवं विजय सिंह विद्रोह ने काव्यपाठ कर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध किया। लेखक राजेंद्र श्रोत्रिय ने कहा कि “बेटियां समाज का गौरव हैं, वे आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। मेरी पुस्तक ‘मेरी उड़ान’ मैंने अपनी बेटी को समर्पित की है ताकि इससे सभी बेटियां प्रेरणा ले सकें।”
समारोह में गांव की प्रतिभाशाली बेटियों आयुषी देवड़ा, भावना मेहता, रेखा मीणा, अपूर्वा सिंह, सोनू मीणा, राधा कांवरिया, निरंजना कुंवर, सीमा पाटीदार, राम कन्या मीणा, कविता कटरा, अनीता मीणा, आभा मीणा, अर्चिता श्रोत्रिय — का शाल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही सेवा कार्यों के लिए डॉ. रजनीश जी, वीरपाल सिंह, महावीर सिंह, गंभीर सिंह का भी अभिनंदन किया गया। गांववासियों ने राजेंद्र श्रोत्रिय का साफा बांधकर अभिनंदन पत्र प्रदान किया। अतिथियों का स्वागत उषा श्रोत्रिय, विवेक दीपक, राजेंद्र देवड़ा, भारत देवड़ा, मनीष शर्मा, बाबूलाल पांचाल, भारत मौर्य, सुरमेर सिंह, कृष्णकांत मोहिनीवर, भेरूलाल धाकड़, रमेश मनोहरा, पंकज शाह आदि ने किया। कार्यक्रम का संचालन मनोहर सिंह चौहान ‘मधुकर’ ने किया तथा आभार अर्चिता श्रोत्रिय ने व्यक्त किया।

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