– गीता जयंति महोत्सव के तहत चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा
जावरा। अपने से अपना परिचय करा देना ही राम कथा का लक्ष्य है, अपना मस्तक राम के चरणों में लगा देना ही राम कथा है। राम कथा के तत्व को, मर्म को समझ जाए तो राम कथा में आनंद आ जाएगा, सत्य को धारण करों और उसे आचरण में लाओ, ऐसा भजन करों की भगवान आकर आपसे लिपट जाए, संसार की प्रपंचनाओं से जिसका हो गया अंत, समझो वहीं है सच्चा संत, जहां पर योग्यता है वहां व्यवस्था पहुंचना चाहिए। मनुष्य वहीं जो अपने व अपने परिवार का जीवन तार दे।
यह बात श्री गीता भवन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 84 वें श्री गीता जयंति महोत्सव के तहत आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठे दिन भक्तों को कथा का रसपान करवाते हुए कथा प्रवक्ता राष्ट्रसंत नमन वैष्णव ने केवट द्वारा भगवान राम को गंगा उतारकर अपने सहित अपने पुरे को तार देने के प्रसंग को सुनाते हुए कहीं। कथा के सातंवे दिन संत वैष्णव ने राजा दशरथ के स्वर्ग गमन के साथ ही भरत व शत्रुघ्न के अयोध्या लोटने के साथ श्रीराम से भरत के मिलने के प्रसंग को सुनाया।
इन्होने लिया आरती और पोथी पूजन का लाभ –
नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के सांतवे दिन पौथी पूजन और आरती का लाभ बीएमओ डॉ दीपक पालडिय़ा, नपा उपाध्यक्ष सुशील कोचट्टा, पत्रकार कृष्णगोपाल झंवर, जगदीश राठौर, प्रकाश छाजेड़, अशोक चौपड़ा, जुगलकिशोर गेहलोत ने लिया। कथा के दौरान मनोहरसिंह चौहान मधुकर की सच दिखाता है आईना पुस्तक का विमोचन किया। वहीं सुजापुर टेकरी के महाराज स्वामी शिवानंद महाराज का गीता भवन ट्रस्ट जावरा द्वारा शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। कथा प्रवक्ता व अतिथियों का स्वागत सचिव अशोक सेठिया,, सह संयोजक कैलाश विजयवर्गीय, हरिनारायण अरोड़ा, राजेन्द्र श्रोत्रिय, गायत्री प्रसाद मंडलोई, जगदीश कुमावत, बहादुरसिंह सोनगरा, दिलीप हेमावत आदि सहित आसपास के श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहे। प्रतिदिन पंडित देवाशिष उपाध्यक्ष पूजन अर्चन करवा रहे है। संचालन वरिष्ठ अभिभाषक आई पी त्रिवेदी ने किया।



