– मधुर भजनों पर झुमे श्रद्धालु, अतिथियों ने उतारी आरती
जावरा। स्वर्गीय महेंद्र सिंह कालूखेड़ा गौशाला, तालीदाना पर चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक हेमलता शास्त्री ने प्रभु श्रीराम के जन्म व बाल लीलाओं का रसपान कराया। हेमलता शास्त्री ने व्यासपीठ से उपस्थित मातृशक्ति से अपनी संतान को अच्छी शिक्षा व संस्कार देने का आग्रह करते हुए कहा कि माता कौशल्या ने श्रीराम में जो संस्कार दिए, वैसे संस्कार मातृशक्ति को अपनी संतान में विकसित करने चाहि। हेमलता शास्त्री ने बताया माता कि संसार की निर्माता होती हैं। बचपन निर्बोझ व आनंदित होना चाहिये। भगवान राम आनन्द के सिंधु है, राम के सानिध्य में जाने से चित्त आनंदितचित्त हो जाता हैं। कथा के दौरान प्रभु रामजी प्यारी राजधानी लगे, मोहे मीठो-मीठो सरयूजी को पाणी लागे, जैसे सुमधुर भजनों पर झूमकर,नृत्य कर श्रोताओं ने आनन्द लिया।
अतिथियों ने उतारी आरती –
सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन यजमान राधेश्याम जाट, जनपद सदस्य पिपलौदा, जसवंतसिंह चंद्रावत आर्मी तालीदाना रहें। चतुर्थ दिवस की कथा में अतिथि के रुप में कारण सिंह झालोर राजपरिवार, डॉ हमीरसिंह राठौर, रोशनलाल खंडेलवाल, पिपलौदा जनपद अध्यक्ष योगेंद्रसिंह सोलंकी, पार्षद शिवेंद्र माथुर, डॉ. काटजू मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष अजीत चत्तर, मुकेश मेहता, संजय सेठिया, प्रदीप दसेड़ा, भवानी सिंह सिसौदिया माउखेड़ी, जयराज सिंह चौसला, बाबूलाल नाहर, एडवोकेट आई.पी.त्रिवेदी, आनंदीलाल संघवी, दीपेंद्र सिंह चंद्रावत तथा के.पी.सिंह लसूडिय़ाइला रहें।


