– गांव से उठी अर्थियां तो हर आंख हुई नम, पीएम और सीएम ने सोश्यल मीडिया पर जताया अफसोस
जावरा। मंदसौर जिले के नारायणगढ़ के समीप काचरिया चौपाटी पर रविवार को हुई सड़क दुर्घटना में रतलाम जिले के बड़ावदा क्षैत्र के ग्राम खोजनखेड़ा व जोगीपीपलीया के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जिसके चलते दोनो गांवों में मातम छा गया। सोमवार को मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। खोजनखेड़ा से जब 6 अर्थिया एक साथ उठी को गांव के हर एक ग्रामीण की आंखे नम दिखी। अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही राजनैतिक व ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान मृतकों के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। शांतिवन में मृतकों के परिजनों ने मुखाग्नि दी।
प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजुद –
रविवार को हुई घटना के बाद देर रात सभी के शव मंदसौर से खोजनखेड़ा और जोगी पिपलिया पहुंचे, जिसके चलते रविवार की रात से ही प्रशासनिक अधिकारी खोजनखेड़ा में डटे रहे। नायब तहसीलदार श्रद्धा त्रिवेदी भी रात भर यही रही। सोमवार को एसडीएम त्रिलोचन गौड़, तहसीलदार संदीप इवने, नायब तहसीलदार श्रद्धा त्रिवेदी आदि ने प्रशासन की ओर से उपस्थित होकर श्रृद्धांजलि अर्पित की। शोक सभा को हिंदू जागरण मंच के नेपालसिंह डोडिया, मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह दादू सोहन सिंह सोनगरा, रणवीर सिंह सोलंकी आदि ने भी श्रृद्धांजलि अर्पित की। सभी ने इस घटना को बेहद दु:खद बताया।
केन्द्र और राज्य सरकार ने लगाया सहायता राशि का मलहम –
इस दुर्घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से खेद जताया हैं। साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष से सभी मृतकों को दो-दो लाख रुपए एवं घायलों को पचास पचास हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की गई हंै। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी इस घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए एवं घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। आलोट विधायक डॉ चिंतामणि मालवीय ने भी शोक प्रकट करते हुए अपनी जनसंपर्क निधि से सभी को बीस बीस हजार की प्रदान करने की घोषणा की।

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