– शिकायत के बाद महिला बाल विकास के अधिकारियों ने पहुंचकर रुकवाया बाल विवाह
जावरा। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया के अवसर पर अधिकांश सामुहिक विवाह के साथ ही बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होते हैं। विवाहों की इस भीड़ में कई बार नाबालिगों का भी विवाह हो जाता हैं, लेकिन ऐसे ही बाल विवाह को शिकायत के बाद महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने पहुंचकर रुकवाया। दल ने मौके पर पहुंचकर दो नाबालिकों की शादी को रुकवाया। उल्लेखनीय है कि अक्षय तृतिया के अवसर पर होने वाले विवाहों में बाल विवाह रोकने को लेकर प्रशासन स्तर से ढींढोरा पीटा जा रहा था, उसके बाद भी जावरा के वार्ड क्रमांक 1 स्थित बैगमपुरा में बाल विवाह तय हो गया था। जिसकी शिकायत महिला एवं बाल विकास भोपाल तक पहुंची, चाईल्ड हेल्पलाईन रतलाम ने जावरा के महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना देकर विवाह रुकवाया।
चाईल्ड हेल्प लाईन से मिली शिकायत के बाद महिला बाल विकास के जिला जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के निर्देशानुसार परियोजना अधिकारी अंकिता पाटीदार के मार्गदर्शन में पर्यवेक्षक सीमा कुरैशी, ममता शर्मा, पंकज कुंवर राणावत के साथ हुसैन टेकरी चौकी पर पदस्थ आरक्षक रविन्द्र सिंह चौहान वार्ड क्रमांक 01 के बैगमपुरा पहुंचे और बाल विवाह रोकथाम हेतु पंचनामा बनाया गया। जानकारी अनुसार बैगमपुरा की दो सगी बहनों का बाल विवाह हो रहा था। जिसमें एक की शादी की मेवासा होना थी तथा दूसरी की अर्जला होना था। परियोजना अधिकारी अंकिता पाटीदार ने बताया कि शिकायत पर दल ने बैगमपुरा पहुंचकर दोनो का विवाह रुकवाते हुए बालिकाओं के माता-पिता एवं परिवारजन को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देकर समझाइश देते हुए दोनो का विवाह बालिग होने पर करने की हिदायत दी गई। अग्रिम कार्यवाही हेतु दोनो बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर जावरा लाया गया। जहां माता, पिता एवं बालिकाओं के कथन लिए गए। पिता द्वारा बालिकाओं का विवाह बालिग होने पर ही करने हेतु शपथ पत्र दिया गया। इस मौके पर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक माया चौहान एवं स्टाफ द्वारा पूरा सहयोग किया गया।


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