– कांग्रेस प्रत्याशी वीरेन्द्रसिंह सोलंकी का साथ देने की मिली सजा
– पूर्व नेता प्रतिपक्ष की बहु नरगीस मंसुरी के साथ युवा चेयरमेन कन्हैयालाल हाड़ा को नपाध्यक्ष ने चेयरमेन पद से हटाया
– जिला योजना समिति सदस्य मुस्तकीम मंसूरी और अपील समिति सदस्य आसीफ कबाड़ी को बनाया चेयरमेन
– अब निजाम काजी के साथ कान्हा हाड़ा और नरगीस मंसूरी तीनों को नहीं मिला पीआईसी की किसी भी समिति में सदस्य का पद
– पद से हटाए गए सभापति बोले बदले की भावना से हटाया, अब आलाकमान को करेंगे शिकायत
जावरा। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में जावरा विधानसभा से कांग्रेस की हार के बाद कांग्रेस प्रत्याशी का साथ देने वाले नगर पालिका के दो चेयरमेन को नपाध्यक्ष ने अपने पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर जिला योजना समिति सदस्य और अपील समिति सदस्य को नपा में चेयरमेन बनाया है। वहीं हटाए गए चेयरमेन को नपा की पीआईसी की सात समितियों मे से किसी भी समिति में साधारण सदस्य के तौर पर भी शामिल नहीं किया है। पूर्व में भी वार्ड 17 के पार्षद को भी पीआईसी की किसी भी समिति में सदस्य नहीं बनाया गया था। जिसके बाद अब जावरा नगर पालिका के 30 पार्षदों मे से तीन पार्षदों को नपा की सात समितियों मे साधारण सदस्य के रुप में भी स्थान नहीं मिला है।
सोमवार की शाम को नगर पालिका अध्यक्ष अनम मोहम्मद युसूफ कड़पा ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 70 (4) एवं 71 (2) द्वरा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पीआईसी का पुर्नगठन किया है, जिसमें पूर्व में नामित सदस्यों में संशोधन करते हुए नई पीआईसी का गठन किया है। जिसमें जलकार्य एवं सीवरेज समिति चेयरमेन नरगीस इमराम मंसूरी के स्थान पर जिला योजना समिति सदस्य मोहम्मद मुस्तकीम मंसूरी को सभापति नियुक्त किया है। वहीं शहरी गरीबी उपशमन विभाग के सभापति कान्हा हाड़ा को हटाकर उनके स्थान पर नपा जावरा की अपील समिति सदस्य आसीफ कबाड़ी को नवीन चेयरमेन नियुक्त किया है। वहीं हटाए गए दोनो चेयरमेन को जावरा नपा की पीआईसी की सातों समितियों में से किसी भी समिति में सदस्य के रुप में शामिल नहीं किया है। गत वर्ष 9 सितंबर 2022 को गठित की गई पीआईसी में नपा के वार्ड क्रमांक 17 के निर्दलीय पार्षद निजाम काजी को भी पीआईसी की किसी भी समिति में सदस्य के रुप में शामिल नहीं किया था। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी होने के बाद भी निजाम काजी ने अनम कड़पा को वोट दिया था। सोमवार को जारी नवीन पीआईसी में अब तीन पार्षदों को समितियों की सदस्य के रुप में भी शामिल नहीं किया जाना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वीरेन्द्रसिंह का साथ देने की मिली सजा –
विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ राजेन्द्र पाण्डेय की प्रचण्ड जीत के बाद नपा में फैरबदल की उम्मीद सभी को थी। सेामवार को हुए फैरबदल के बाद शहर में इस बात की चर्चा आम हो गई कि कान्हा हाड़ा और नरगीस मंसुरी के पति इमरान और पूर्व नेता प्रतिपक्ष इब्राहीम मंसूरी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी वीरेन्द्रसिंह सोलंकी का जमकर समर्थन करते हुए उनके लिए पुरी ईमानदारी से काम किया था। जिसकी सजा नपाध्यक्ष ने इन्है देते हुए सभापति के पद से हटा दिया, लेकिन अचंभे की बात यह रही कि दोनो को पीआईसी की किसी भी समिति में साधारण सदस्य भी नहीं बनाया गया है।
अब 7 मे से कौन बनेगा नेता प्रतिपक्ष –
विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लडऩे करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह का खुलकर समर्थन करने वाले पूर्व नपाध्यक्ष पवन सोनी और नपा नेता प्रतिपक्ष रानी सोनी ने भाजपा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। जिसमें रानी सोनी को नपा नेता प्रतिपक्ष का पद भी छोडऩा पडा। ऐसे में अब भाजपा को नेताप्रतिपक्ष का चुनाव करना है। नपा चुनाव में भाजपा के 8 पार्षद विजयी हुए थे। दो निर्दलीय पार्षदों शिवेन्द्र माथुर और भावना शर्मा ने भाजपा को समर्थन दिया था। जिसके बाद भाजपा पार्षदों की संख्या बढ़कर 10 हो गई थी। लेकिन हालही में निपटे विधानसभा चुनाव में तीन भाजपा पार्षदों रानी पवन सोनी, भावना विश्वाश शर्मा तथा इरशाद बाबा द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन देने के चलते पार्टी से बाहर हो गए है, ऐसे में अब बचे केवल ७ भाजपा पार्षदों मे से नेता प्रतिपक्ष का चुनाव करना होगा।
हटाए चेयरमेन ने लगाए आरोप, बोले बदले की भावना से हटाया –
नगर पालिका परिषद जावरा में जल कार्य एवं सिवरेज समिति के अध्यक्ष नरगिस इमरान मंसूरी तथा शहरी गरीबी अपसमन विभाग के अध्यक्ष कन्हैयालाल हाडा को वर्तमान पालिका अध्यक्ष अनम युसूफ कडपा द्वारा पद से पृथक कर अन्य लोगों का मनोनयन किया है । प्रेसिडेंट इन काउंसिल में अपने विभाग से पृथक किए गए दोनों चेयरमेन नरगीय मंसूरी एवं कन्हैयालाल हाड़ा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि गत विधानसभा चुनाव में अध्यक्ष की मंशा के विपरीत कांग्रेस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर मजबूती से कार्य करने की खीज में अध्यक्ष अनम कडपा द्वारा अपने पिता मोहम्मद यूसुफ कड़पा के इशारे पर यह कृत्य किया है। एक लंबे समय से तथा कथित कांग्रेस नेता युसूफ कडपा पर वर्तमान विधायक की अप्रत्यक्ष मदद करने के आरोप लगते रहे हैं तथा वर्तमान चुनाव में भी उनके द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में कार्य न करते हुए लगातार भीतरघात किया गया था तथा ऐसी ही मंशा कांग्रेस के अन्य नेताओं से भी कार्य करने की थी परंतु उनकी मंशानुसार कार्य न करने पर बदले की भावना से अपनी ही पार्टी के लोगों के विरुद्ध यह कदम उठाना अत्यंत नींदनीय है। पद से हटाए गए चेयरमेन ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं और संगठन स्तर पर पहुंचकर उनसे चर्चा कर जल्द ही इस मामले की जांच करने की मांग करेंगे।




