– 9 साल से अलग अलग रह रहे दम्पत्ती को मिलाया
– 7 खण्डपीठों में हुआ प्रकरणों का निराकरण, पौंधे बांटकर भेजा सभी को घर
– बिजली कंपनी, बीमा, नगर पालिका संबंधी प्रकरणों का हुआ निराकरण
जावरा। नेशनल लोक अदालत में बीते ९ सालों से अलग अलग निवास कर रहे पती पत्नि को आपसी समझोते के बाद एक साथ रहने पर राजी किया और दोनो को न्यायालय ने पौधा भेंटकर न्यायालय से घर के लिए रवाना किया। वहीं जावरा न्यायालय में बनी ७ विभिन्न खण्डपीठों में आपस सहमति के आधार पर कई प्रकरणों का निराकरण किया गया।
अंतिमबाला का विवाह प्रवुन पिता कैलाशचन्द्र सोलंकी निवासी ग्राम ढोढर तहसील जावरा जिला रतलाम से 27 फरवरी 2011 को हिन्दू रीति-रिवाज के साथ हुआ था विवाह के बाद दम्पति के पश्चात 02 बच्चों का जन्म हुआ। विवाह के कुछ वर्ष बाद पति व ससुराल पक्ष के द्वारा दहेज की मांग, बात-बात पर ताने देना. गांलिया देना और छोटी-छोटी बात को लेकर विवाद होने लगा और दोनों 2015 से अलग-अलग निवास करने गये। पत्नी ने पति के विरूद्ध न्यायालय में प्रकरण दर्ज करवा दिया और पति से भरण-पोषण की मांग की। न्यायालय ने पति-पत्नि को विवाद के निपटारे के लिए बार-बार समझाइश दी उनके मध्य उत्पन्न विवाद की समस्या को छोड़कर, विवाद को खत्म करने और साथ में रहने की सलाह दी। 09 दिसम्बर 2023 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में न्यायिक मजिस्टेट प्रथम श्रेणी जावरा अरविन्द कुमार बरला द्वारा दोनों को समझाकर आपसी राजीनामा करवाया। पति-पत्नी ने एक-दूसरे को माला पहनाकर अपनी-अपनी गलती स्वीकार कर न्यायालय के समक्ष राजीनामा किया और न्यायाधीश द्वारा दोनों को पौधे प्रदान कर आपसी विवाद का निपटारा किया गया। पति-पत्नि खुश होकर अपनी के साथ अपने घर गये। इस दौरान अभिभाषक अनिता मौर्य, न्यायालयीन कर्मचारी स्टेनोग्राफर रंजीत कुशवाह, जाहिदा कुरैशी, कैलाश अवासे, देवीलाल मईडा सहित न्यायालय स्टाफ उपस्थित रहा।

न्याय की देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया शुभारंभ –
प्रथम जिला न्यायाधीश तथा अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति जावरा के मार्गदर्शन में शनिवार को सुबह 10.30 बजे द्वितीय जिला न्यायाधीश/ अध्यक्ष, तहसील विधिक सेवा समिति जावरा रविप्रकाश जैन, समस्त न्यायाधीश, अभिभाषक संघ अध्यक्ष स्नेह मेहरा, सी.एस.पी. दुर्गेश आर्मो, एसडीओपी शक्तिसिंह चौहान के साथ समस्त अभिभाषकों की उपस्थिति में न्याय की देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया।

7 खण्डपीठों में हुआ 535 प्रकरणों का निराकरण –
प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम के निर्देशानुसार एवं मार्गदर्शन में शनिवार को न्यायालय तहसील न्यायालय जावरा में नेशनल लोक अदालत 7 खण्डपीठों का गठन किया गया था, जिसमें रविप्रकाश जैन द्वितीय जिला न्यायाधीश, उषा तिवारी प्रथम जिला न्यायाधीश के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, अरविन्द कुमार बरला प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, एन.एस.ताहेड द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, हर्षिता पिपरेवार प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, रोहित शर्मा द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, दीपक कनेरिया चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीशों ने न्यायालय में लंबित 45 क्लेम प्रकरण, 138 एनआईएक्ट प्रकरण बैंक संबंधी 36 प्रकरण, एम.पी.ई.बी के 28 प्रकरण, महिला संबंधी विवाद 04 प्रकरण, सिविल प्रकरण, राजीनामा योग्य अपराधिक प्रकरण के साथ संबंधित बैंकों के प्री-लिटिगेशन प्रकरण 20 प्रकरण, बीएसएनएल के 15 प्रकरण नगर पालिका जल संबंधी 182, सपत्ति कर 93 प्रकरण का निराकरण हुआ। उक्त नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित कुल 1580 प्रकरणों में से 225 प्रकरणों में 22431923 रूपये की राशि का अवार्ड पारित सहित 642 को लामावित किया गया तथा कुल 2862 पीलिटिगेशन में से 310 प्रकरण निराकृत किये गये जिसमें 27,58,613 रूपये राशि के अवार्ड पारित सहित 332 को लाभांवित किया गया। इस प्रकार कुल 535 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 2 करोड़ 51 लाख 90 हजार 536 रुपए के अवार्ड पारित किए गए।


