– सरपंच, सचिव की मनमानी पर नहीं अब तक कोई कार्रवाई
– मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कार्रवाई करने पुन: दिया आवेदन
जावरा। ग्राम पंचायत भैसाना में सरपंच और सचिव ने अपनी मनमानी करते हुए ग्राम पंचायत की शासकीय जमीन पर पूर्व से काबीज लोगों को हटाते हुए रुपए लेकर अन्य लोगों को चर्तुसीमा बांटकर पट्टे काटकर निर्माण भी प्रारंभ कर दिया, जब गांव के उपसरपंच और जिन्है हटाया गया था, उन्होने शिकायत की तो मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया, वहीं सरपंच द्वारा सीईओ के नाम से रुपए मांगने का ऑडियों भी जमकर वायरल हुआ, जिसके बाद एसडीएम ने तहसीलदार को भेजकर काम रुकवा दिया, वहीं जनपद सीईओ ने जांच कमेटी गठित कर जांच करवाई, जिसमें सरपंच व सचिव को दोषी पाते हुए रिपोर्ट सीईओ को दी। जिस पर सीईओ ने जिला पंचायत सीईओ को सरंपच के खिलाफ धारा 40 के तहत नोटिस देने तथा सचिव पर भी कार्रवाई करने हेतु प्रतिवेदन भेजा था। लेकिन करीब तीन माह बीतने के बाद भी अब तक जिला पंचायत की और से ना तो सरपंच को धारा 40 के तहत नोटिस मिला है और ना एसडीएम ने मौके से अतिक्रमण हटवाया हैं। ऐसे में प्रशासन की लचरता को देखते हुए पीडि़तों ने मंगलवार को पुन: एसडीएम राधा महंत को आवेदन देकर कार्रवाई करने की मांग की हैं।
मंगलवार को एसडीएम को जनसुनवाई के दौरान दिए आवेदन में उपसरपंच तथा ग्रामीणों ने बताया कि गत 22 फरवरी 24 को ग्राम पंचायत भेसाना में सरपंच/सचिव द्वारा सिर्फ चतुर्मीमा उक्त लोगों को देकर एवं पूर्व पट्टाधारियों को हटाया जाकर वर्तमान वालों से लेन-देन करके कब्जा एवं निर्माण करवाया गया। जिसके विरूद्ध शिकायतकर्ता बद्रीलाल पिता नानुराम, झमकलाल, राजु, केशरीलाल रावत द्वारा एसडीएम को शिकायत कि गई थी। जिस पर तहसीलदार जावरा ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया था। लेकिन उसके बाद भी तीन बार और रात रात में कार्य चालु रखकर पक्का निर्माण कर दिया गया। जब पिडित उपसरपंच सत्यनारायण पाटीदार के पास गए तब संज्ञान में मामला आने पर 01 अप्रेल 24 को सरपंच द्वारा पैसे मांगने का आडियो एवं सचिव द्वारा 50-60 हजार रूपये बोलने का विडियो वायरल हुआ जो कि एसडीएम व अन्य अधिकारियों तक भी पहुंचा। जिसके बाद जनपद सीईओ ने जांच टीम गठित कर जांच करवाई,
जांच दल ने नियम विरुद्ध कार्य करना पाया था –
जांच के दौरान दल ने पाया कि सरपंच/सचिव ने नियम विरूद्ध स्वीकृति दी हैं। कौरम ग्राम सभा का होना नही पाया गया चतुर्सीमा कि रसीद पर कब्जा सरपंच/सचिव द्वारा कराया गया पट्टाधारियों को हटाया गया 06 लोगों कि चतुर्सीमा कि रसीद काटी गई बैंक में पैसा जमा चार लोगों का किया गया वह भी एक माह 06 दिन बाद कुल आवक रसीदों कि 71,700/- बैंक में कुल जमा 30,000/- किए गये पैसे में भी गडबड़ी कि गई। सरपंच ने सीईओ के सामने पेमेंट देने की बात कहीं, जिसका ऑडियों भी वायरल हुआ। जिसमें सरपंच यह कहते सुनाई दे रही है कि 1,80,000/- रूपये देना है 30&30 से ज्यादा कि चतुर्सीमा पंचायत द्वारा नही दी जाती है लेकिन सरपंच / सचिव द्वारा लेन-देन करके किसी को 30&30 से ज्यादा एवं 34&45-1530 वर्गफीट दी गई। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट बनाकर सीईओ को दी। जिसके बाद सीईओ ने सरपंच पर धारा 40 के तहत नोटिस जारी करने तथा सचिव पर भी कार्रवाई करने हेतु प्रतिवेदन जिला पंचायत को 24 अप्रैल को भेज दिया।
कार्रवाई लेटलतिफी के चलते पक्के निर्माण बनकर हो गए तैयार –
जिला पचंयत को प्रतिवेदन भेजने के बाद भी अब तक ना तो सरपंच को धारा 40 का नोटिस दिया गया और ना ही सचिव को हटाया गया हैं। इधर तहसीलदार द्वारा चार बार पंचनामा बनाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। जिसका फायदा उठाते हुए उक्त स्थान पर पक्के निर्माण बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं सोमवार को ही उक्त जमीन पर मुरम डालकर भराव भी किया गया हैं। उपसरपंच और ग्रामीणों ने उक्त मामले में शीघ्र कार्रवाई करने तथा अतिक्रमण हटाने की मांग की हैं।
आवेदन मिला है मौका दिखावाते हैं –
जनसुनवाई के दौरान आवेदन मिला हैं, बुधवार को मौके पर भेजकर दिखावाते हैं, यदि काम रोकने के बाद भी निर्माण किया हैं तो कार्रवाई की जाएगी। – राधा महंत, एसडीएम, जावरा


