– डीपी धाकड़ को खाचरौद जाने से एसडीओपी संदीप मालवीय ने रोका, जावरा लेकर गए
– 28 प्रदर्शनकारियों को भी उन्हैल से मिली जमानत, शाम को खाचरौद जेल से हुए रिहा
जावरा। उज्जैन से जावरा तक प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सेस वे के तहत भूतेड़ा से जावरा होटल ज़ोयो चौराहे तक प्रस्तावित सात ओव्हरब्रिज के साथ ही अन्य मांगों को लेकर बीते तीन माह से विरोध जता रही जन संघर्ष समिति, किसान न्याय यात्रा के नेताओं का पीछा पुलिस नहीं छोड़ रही हैं। मंगलवार को रतलाम सर्किल जेल से रिहा होने के बाद खाचरौद जेल में बंद अपने 28 साथियों की जमानत करवाने खाचरौद जा रहे किसान नेता डीपी धाकड़ को बड़ावदा में फिर पुलिस ने रोक लिया। वहीं अब यह आंदोलन और भी बड़ा होने की कगार पर पहुंचने वाला हैं, इस आंदोलन को अब पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतीलाल भूरिया का भी समर्थन मिल गया हैं। भूरिया भी अब किसान नेताओं के साथ जुड़कर आंदोलन में सक्रिय रहेंगे।
गुरुवार को दोपहर करीब 2 बजे जब किसान नेता डीपी धाकड़ खाचरौद जेल में बंद अपने साथियों की जमानत के लिए जा रहे थे तभी बड़ावदा में एसडीओपी संदीप मालवीय, जावरा औद्योगिक क्षैत्र थाना प्रभारी वीडी जोशी, बड़ावदा थाना प्रभारी तूरसिंह ने रोक लिया। पुलिस अधिकारी धाकड़ के खाचरौद जाने की सूचना पर लंबे समय से उनका बड़ावदा में इंतजार कर रहे थे। धाकड़ के बड़ावदा पहुंचते ही अधिकारियों ने उन्है रोक लिया। डीपी ने खाचरोद जाने की जिद करने लगे लेकिन पुलिस ने उन्है नहीं जाने दिया। एसडीओपी मालवीय ने धाकड़ से कहा कि आपके साथियोंक जमानत हो जाएगी, आप हमारे साथ चलिए। इस बीच खाचरौद एसडीओपी का फोन जावरा एसडीओपी के पास आया, जावरा एसडीओपी ने धाकड़ से उनकी बात करवाई। उसके बाद पुलिस धाकड़ को जावरा लेकर आई।
धाकड़ बोले … तो मुझे भी डाल दो जेल में –
धाकड़ ने चर्चा में कहा कि पहले हमारी जमानत नहीं होने दे रहे थे, अब जमानत कराने जा रहे तो कराने नहीं दे रहे। हमने जमानतदार को तैयार किया। वकील किया। जब हम जमानत के लिए जा रहे तो पुलिस बार बार हमारे सामने गाड़ी खड़ी कर देती है। क्या हम हमारे साथियों को ऐसे ही जेल में रहने दें। यदि हमारे साथियों को जमानत नहीं मिली तो मुझे भी जेल में डाल दो। कलेक्टर, एसपी, तहसीलदार चाहे जो कराए मगर हमारे साथियों की जमानत कराए।
28 लोगों को खाचरौद जेल से किया रिहा –
गुरुवार को जब डीपी को पुलिस ने रोक रखा था, उसी दौरान उन्हैल में जन संघर्ष समिति के असलम मेव, दिनेश नायमा,जितु मालवीय, जगदीश सोलंकी, सिकंदर मेंव, असलम कुरैशी सहित 28 लोगों की जमानत मंजूर हुई, शाम को सभी को खाचरोद जेल से रिहा किया गया। सभी को जमानत मिलने के बाद अब जन संघर्ष समिति किसान साथियों के साथ बैठक कर आंदोलन के लिए आगे की रणनीति बनाएगी।
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